Mohan Bhagwat On Live-in relationship: समाज, धर्म और आधुनिकता के बीच चल रही बहस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के चीफ मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने एक बेहद कड़ा और बेबाक बयान दिया है. उन्होंने विवाह (Marriage) को एक जरूरी अनुशासन बताते हुए आजकल युवाओं में तेजी से बढ़ रहे ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ (Live-in Relationship) पर करारा प्रहार किया है. भागवत ने साफ शब्दों में कहा है कि लिव-इन कोई आधुनिकता नहीं, बल्कि सीधे तौर पर पश्चिमी संस्कृति की अंधी नकल और समाज का ‘पतन’ है.
विवाह एक अनुशासन (Mohan Bhagwat statement On marriage)
शादी के महत्व को समझाते हुए भागवत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के लिए शादी को अनिवार्य (Mandatory) नहीं माना गया है, लेकिन यह एक ऐसा अनुशासन है जो इंसान को धर्म की ओर प्रेरित करता है. उनका मानना है कि शादी से व्यक्ति के जीवन में एक ठहराव और अनुशासन आता है, जो समाज को मजबूत बनाता है.
मानने होंगे संन्यासियों वाले कड़े नियम (Mohan Bhagwat On Brahmacharya and Sanyasi rules)
भागवत ने उन लोगों के लिए भी स्पष्ट संदेश दिया जो शादी के बंधन में नहीं बंधना चाहते. उन्होंने कहा, “अगर आप शादी नहीं करना चाहते हैं, तो इसके लिए एक अलग अनुशासन है. ‘ब्रह्मचारिणी’, ‘ब्रह्मचारी’, ‘संन्यासी’ और ‘संन्यासिनी’ के लिए अलग-अलग नियम बनाए गए हैं.”
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उन्होंने जोर देकर कहा कि आचार्यों ने ऐसे लोगों को अनुशासित रखने के लिए जो नियम बनाए हैं, समाज उन्हें उसी अनुशासन में रखता है. चूंकि ऐसे लोगों को सांसारिक मोह-माया में कोई दिलचस्पी नहीं होती, इसलिए वे सब कुछ छोड़ देते हैं, लेकिन वे भी नियमों से बंधे होते हैं.
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— Bharat Express (@BhaaratExpress) July 27, 2026
लिव-इन का अंजाम दुनिया देख रही है- Mohan Bhagwat
अपने भाषण के सबसे अहम हिस्से में भागवत ने लिव-इन रिलेशनशिप की तीखी आलोचना की. उन्होंने पश्चिमी संस्कृति के प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा, “लिव-इन रिलेशनशिप की वास्तविकता पूरी दुनिया के सामने है. आप देख सकते हैं कि इसके क्या खौफनाक नतीजे हो रहे हैं. हम समय के साथ बदलना चाहते हैं, हमें आधुनिकता चाहिए… लेकिन यह आधुनिकता नहीं, बल्कि पतन है! यह सिर्फ पश्चिम की अंधी नकल है.” RSS चीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब लिव-इन रिलेशनशिप और उससे जुड़े अपराध देश में एक बड़ी बहस का मुद्दा बने हुए हैं.
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