Ram Temple New Secretary: अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्रशासनिक कमान अब एक ऐसे इंजीनियर के हाथों में आ गई है, जिन्होंने अमेरिका के शानदार कॉर्पोरेट करियर को छोड़कर अपना पूरा जीवन प्रभु श्री राम की सेवा में समर्पित कर दिया. आईआईटी बॉम्बे (IIT Bombay) के पूर्व छात्र जगदीश आफले राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नए ‘सचिव’ के रूप में अपनी सेवाएं देने जा रहे हैं.
आईआईटी बॉम्बे से बीटेक और एमटेक करने वाले जगदीश आफले ने भारत, यूरोप और अमेरिका की शीर्ष मल्टीनेशनल कंपनियों में काम किया है. आरएसएस के समर्पित स्वयंसेवक रहे आफले ने रिटायरमेंट के बाद बिना कोई वेतन लिए 5 सालों तक राम मंदिर निर्माण में ‘मानद प्रोजेक्ट मैनेजर’ के रूप में योगदान दिया. ट्रस्ट में हालिया प्रशासनिक फेरबदल के बाद, अब उन्हें सर्वसम्मति से ‘सचिव’ का नया पद सौंपने का फैसला किया गया है.
आईआईटी बॉम्बे से अमेरिका तक का शानदार सफर (IITian Jagdish Aflay)
पुणे के पद्मावती इलाके के निवासी जगदीश आफले बचपन से ही मेधावी रहे हैं. उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक की डिग्रियां हासिल कीं. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारत, यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका की नामचीन मल्टीनेशनल कंपनियों में उच्च पदों पर काम करते हुए अपनी तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया.
ग्लोबल लेवल पर बड़ी सफलताएं हासिल करने के बावजूद जगदीश आफले अपनी सांस्कृतिक जड़ों से हमेशा जुड़े रहे. वे बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के समर्पित सदस्य रहे हैं. अमेरिका में अपने हाई-पेइंग कॉर्पोरेट करियर के दौरान भी उन्होंने और उनकी पत्नी माधुरी आफले ने लगभग 3 वर्षों तक आरएसएस के पूर्णकालिक ‘विस्तारक’ के रूप में निस्वार्थ सेवाएं दीं.
सब कुछ छोड़कर अयोध्या के लिए समर्पण (Ayodhya Ram Mandir Secretary)
जब सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला राम मंदिर के पक्ष में आया, तो रिटायरमेंट के बाद भारत लौट चुके आफले दंपत्ति ने अपनी सभी सुख-सुविधाओं को त्याग दिया. संघ की सिफारिश पर जगदीश आफले बिना कोई वेतन (सैलरी) लिए 70 एकड़ में फैले राम मंदिर परिसर के ‘मानद प्रोजेक्ट मैनेजर’ बन गए. पिछले 5 वर्षों से वे अपनी पत्नी माधुरी (जो स्वयं मंदिर वास्तुकला की विशेषज्ञ हैं) के साथ अयोध्या के तीर्थ क्षेत्र भवन में ही रह रहे हैं.
अनुशासित कार्यशैली और मंदिर निर्माण पर नजर (Ayodhya Temple Management)
एक प्रोफेशनल इंजीनियर होने के नाते जगदीश आफले का जीवन बेहद अनुशासित है. वे मंदिर निर्माण की हर एक बारीक तकनीकी पहलू पर पैनी नजर रखते हैं. वे हर शनिवार को निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा करते हैं और प्रत्येक सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा व उत्तर प्रदेश सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ प्रगति बैठकें करते हैं. जून 2026 में राम मंदिर ट्रस्ट में वित्तीय व प्रशासनिक अनियमताओं के आरोपों के बाद एसआईटी की जांच हुई, जिसके चलते तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को इस्तीफा देना पड़ा.
इसके बाद 22 जुलाई 2026 को हुई अहम बैठक में प्रशासनिक पुनर्गठन करते हुए ‘सचिव’ का नया पद बनाया गया और जगदीश आफले का नाम सर्वसम्मति से तय किया गया. 2 सितंबर को उनके नाम का औपचारिक ऐलान होने की पूरी उम्मीद है.
-भारत एक्सप्रेस
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