भारत एक्सप्रेस की खबर का बड़ा असर: पपौंध में बिजली पोल लगाने का काम पूरा (इमेज-Bharat Express)
Papaundh Electricity Issue: कहते हैं कि अगर मीडिया अपनी सही ताकत दिखाए, तो सालों से सोई हुई व्यवस्था भी रातों-रात जाग उठती है. कुछ ऐसा ही मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में देखने को मिला है. जहां के लोगों को कई सालों से नल-जल योजना और सिंचाई परियोजना का लाभ नहीं मिल रहा था.
दरअसल शहडोल जिले का आखिरी छोर पपौंध के लोग सालों से एक ऐसी बुनियादी मजबूरी से जूझ रहे थे, जिसकी वजह से उनकी जिंदगी थमी हुई थी, और यह थी बिजली की कमी और कम वोल्टेज. हालत यह थी कि सरकार की तरफ से नल-जल योजना और सिंचाई की बड़ी-बड़ी बातें तो हुईं, लेकिन कम वोल्टेज के चक्कर में मोटरें ही नहीं चलती थीं.
नतीजा न तो ग्रामीणों के नल में पीने का पानी आता था और न ही किसानों के खेतों तक फसल सींचने का पानी पहुंच पाता था. लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे और किसान लाचार होकर आसमान की तरफ देखते रहते थे.
भारत एक्सप्रेस ने उठाया बीड़ा और हिला दिया प्रशासन
ग्रामीणों का यह दर्द जब भारत एक्सप्रेस की टीम तक पहुंचा, तो चैनल ने इस गंभीर मुद्दे को पूरी प्रमुखता और निडरता के साथ देश के सामने रखा. शासन-प्रशासन की सुस्ती पर सवाल दागे गए और पपौंध के लोगों की आवाज को बुलंद किया गया.
खबर का असर ऐसा हुआ कि नींद में सोया विभाग तुरंत हरकत में आ गया. बिना किसी देरी के, पुलिस बल की सुरक्षा में बिजली विभाग के कर्मचारी ग्राउंड जीरो पर पहुंचे और पपौंध में बिजली के पोल (खंभे) लगाने का पेंडिंग काम तेजी से पूरा कर दिया गया.
अब क्या बदलेगा?
भारत एक्सप्रेस की खबर का असर अब साफ देखने को मिल रहा है. प्रशासन पपौंध में खंभे लगाकर बिजली को घर-घर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया है. पर्याप्त बिजली और सही वोल्टेज मिलते ही नल-जल योजना की मोटरें दौड़ने लगेंगी और सालों से प्यासे नलों में साफ पानी आएगा.
वहीं पोल लगने से किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर बिजली मिलेगी, जिससे उनकी फसलें फिर से लहलहाने लगेंगी.
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भारत एक्सप्रेस की इस पहल ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब इरादे नेक हों, तो सालों पुरानी समस्याएं भी चुटकियों में हल हो जाती हैं.
भारत एक्सप्रेस के लिए अनिल पाण्डेय की रिपोर्ट
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