Laxmi Narayan Chaudhary on Shivpal Yadav: उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में समाजवादी पार्टी के भीतर हुआ एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल अब तीखे बयानों और सोशल मीडिया पर मीम मटेरियल बने तंजों का केंद्र बन गया है. सितंबर 2026 में समाजवादी कुनबे के ऐतिहासिक ‘लोहिया ट्रस्ट’ में बड़ा बदलाव करते हुए शिवपाल सिंह यादव की जगह सपा प्रमुख अखिलेश यादव को सर्वसम्मति से नया अध्यक्ष चुन लिया गया.
इस फैसले के बाद योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने अपनी ठेठ बृज भाषा और मुहावरों के जरिए चाचा-भतीजे की सियासत पर करारा हमला बोला है.
अखिलेश के पास दोनों ट्रस्टों की कमान (Shivpal Yadav Samajwadi Party)
लोहिया ट्रस्ट में हुआ यह फेरबदल पार्टी और परिवार दोनों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. शिवपाल सिंह यादव वर्ष 2017 से लगातार लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. यह जिम्मेदारी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने उस वक्त पारिवारिक विवाद और खींचतान के दौर में उन्हें सौंपी थी. इस नए बदलाव के बाद अब अखिलेश यादव के पास समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के साथ-साथ ‘जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट’ और ‘लोहिया ट्रस्ट’ दोनों की सीधी कमान आ गई है.
मंत्री लक्ष्मीनारायण का तंज (Shivpal Yadav Lohia Trust News)
शिवपाल यादव को अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर चुटकी लेते हुए कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने कई तीखे बयान दिए, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं. मंत्री ने बृज भाषा की कहावत का इस्तेमाल करते हुए कहा कि आज सपा के भीतर शिवपाल यादव की हालत ‘मोकू और, ना तोकू ठौर’ (न इधर के रहे, न उधर के) जैसी हो गई है.
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उन्होंने तंज कसा कि अखिलेश यादव की नजर में उनके चाचा शिवपाल की हैसियत केवल ‘घर की मुर्गी दाल बराबर’ बनकर रह गई है. मंत्री ने दावा किया कि अखिलेश यादव आज भी शिवपाल यादव पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. लक्ष्मीनारायण ने कहा कि अखिलेश यादव के रवैये के कारण ही सपा में शिवपाल की ऐसी दुर्गति हो रही है और पार्टी में उनका स्थायी ‘गुजारा’ संभव नहीं दिखता.
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