ग्राहम स्टेंस हत्याकांड
ओडिशा सरकार ने स्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके नाबालिग बेटों की हत्या के दोषी दारा सिंह की रिहाई पर विचार करने से इनकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट दायर याचिका पर 17 सितंबर को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने ओडिशा सरकार को फैसला करने के लिए चार सप्ताह का समय दे दिया था. जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्रोई की बेंच दोषी दारा सिंह की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.
हत्यारे एजी पेरारिवलन की रिहाई का दिया हवाला
दारा सिंह लगभग 26 साल जेल में बिता लेने के आधार पर रिहाई की मांग की है. ओडिशा के सजा रिव्यू बोर्ड ने अभी तक फैसला नहीं लिया है. इससे पहले कोर्ट ने ओडिसा सरकार को दारा सिंह की माफी याचिका पर विचार करने के लिए एक महीने का समय दिया था. सुनवाई के दौरान ओडिसा सरकार ने विचार करने के लिए एक महीने का समय मांगा था.
कोर्ट ने ओडिसा सरकार के वकील से कहा था कि उन्हें स्वतंत्रता दिवस मनाने दीजिए. दारा सिंह ने अपनी याचिका में कहा है कि बिना किसी परोल के 26 साल जेल में गुजार चुका है. दारा सिंह ने अपनी याचिका में स्वर्गीय राजीव गांधी के हत्यारे एजी पेरारिवलन की रिहाई के भी हवाला दिया है.
26 साल जेल में बंद
पिछली सुनवाई के दौरान मामले दारा सिंह की ओर से पेश वकील विष्णु जैन ने कहा था कि वह 26 साल से ज्यादा वक्त से जेल में बिता चुका है. विष्णु जैन ने यह भी कहा कि उड़ीसा राज्य में सजा की माफी का नियम 26 साल है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट उसकी याचिका पर विचार करे.
दरअसल, ओडिशा में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके नाबालिग बेटों की हत्या का मामले मे उम्रकैद की सजा काट रहे दारा सिंह ने माफी देकर रिहाई का निर्देश देने की मांग की है.
क्या है मामला?
दारा सिंह ने अपनी याचिका में राजीव गांधी के हत्यारों की रिहाई का दिया हवाला देते हुए कहा कि ग्राहम स्टेंस से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी और दो दशक पहले किए अपराध को कबूल करता है और उस पर खेद है.
बता दें कि 1 सितंबर 1999 में दारा सिंह ने एक भीड़ की अगुवाई करते हुए उस गाड़ी को आग के हवाले कर दिया था, जिसमें ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटे सो रहे थे. इस घटना में कुष्ठ रोगियों के लिए एक आश्रम चलाने वाले स्टेंस और उनके दो बेटों की जलकर मौत हो गई थी.
इस हत्याकांड को लेकर 2003 में खोरधा कई निचली अदालत ने दारा सिंह को मौत और 12 अन्य को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. बाद में ओडिसा हाई कोर्ट ने सिंह की मौत की दर्ज को आजीवन कारावास में बदल दिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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