Urdu Conclave 2026

क्या बिहार NDA में मचने वाली है बड़ी रार? नितीश की चुप्पी के बीच जीतन राम मांझी ने ठोक दी UCC की ताल

UCC Bihar Politics: बिहार में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर जारी घमासान के बीच केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मोदी सरकार के समर्थन में बड़ा बयान दिया है. JDU के संतुलित रुख से अलग हटकर मांझी ने ‘तालाब का पानी’…..

जीतन राम मांझी ने UCC का समर्थन करते हुए इसे 'तालाब के पानी' जैसा समानता का अधिकार बताया.

जीतन राम मांझी ने UCC का समर्थन करते हुए इसे 'तालाब के पानी' जैसा समानता का अधिकार बताया.

UCC Bihar Politics: बिहार की राजनीति में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर हलचल तेज हो गई है. जहां एक तरफ मुख्य सहयोगी दल JDU इस मुद्दे पर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहा है, वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इस पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है.

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में UCC को लेकर चल रही सियासी बयानबाजी के बीच मोदी सरकार का पुरजोर समर्थन किया है. JDU के सतर्क रुख से अलग जाते हुए उन्होंने इसे समानता का संवैधानिक अधिकार करार दिया और ‘तालाब का पानी’ के उदाहरण से विपक्षी हमलों का जवाब दिया. इस कदम से मांझी ने एनडीए में अपनी राजनीतिक स्थिति और केंद्र के प्रति अपनी वफादारी को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है.

UCC पर मांझी का खुला समर्थन

जीतन राम मांझी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर केंद्र की मोदी सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के फैसले के साथ है. उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का संविधान देश को धर्मनिरपेक्षता और समानता का अधिकार देता है. ऐसे में UCC को लागू करने में किसी भी तरह के दांव-पेच की बात करना असंवैधानिक है. उन्होंने यह भी याद दिलाया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी समय-समय पर सरकारों को इसे लागू करने का निर्देश दिया था.

विपक्ष और सहयोगियों को संदेश

आरजेडी नेता मनोज झा की बहुचर्चित ‘ठाकुर का कुआं’ कविता के जवाब में मांझी ने ‘तालाब का पानी’ का सियासी पैंतरा चला है. उन्होंने कहा कि जैसे तालाब के पानी पर सबका समान अधिकार होना चाहिए, वैसे ही कानून के सामने भी हर नागरिक बराबर है. मांझी के इस बयान से साफ हो गया है कि वह एनडीए के भीतर किसी भी तरह के असमंजस से दूर रहकर केंद्र सरकार के फैसलों का मजबूती से बचाव कर रहे हैं.

राष्ट्रहित को बताया सर्वोपरि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए मांझी ने कहा कि वर्तमान सरकार चेहरा देखकर या किसी खास वर्ग को खुश करने के लिए फैसले नहीं लेती. ट्रिपल तलाक और अनुच्छेद 370 को हटाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि देशहित के फैसले सबसे ऊपर हैं. मांझी ने अंत में लिखा कि हम रहें या न रहें, यह देश रहना चाहिए, और इस समानता के अधिकार के लिए उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह का धन्यवाद किया.

यह भी पढ़ें-यूनिफॉर्म बदली, रंग बदला, क्या बदलेगी किस्मत? यूपी की सियासत में भूचाल लाने आया अखिलेश का नया रूप

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read