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काशी में गणेशोत्सव की धूम: छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान से विभूषित हुए प्रदीप नारायण सिंह

काशी मराठा समाज द्वारा आयोजित गणेश महोत्सव 2026 में प्रदीप नारायण सिंह को समाज सेवा के लिए प्रतिष्ठित ‘श्री छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान’ से नवाजा गया है. जानिए उन्होंने क्या कहा?

Pradeep Narayan Singh Ganesh Mahotsav Chhatrapati Shivaji Maharaj Samman Varanasi

धर्म और अध्यात्म की पावन नगरी काशी में गणेशोत्सव का उल्लास अपने चरम पर है. 17 सितंबर 2026 को श्री काशी मराठा समाज द्वारा आयोजित ऐतिहासिक गणपति उत्सव एवं ‘श्री गणेश महोत्सव 2026’ के दौरान एक गरिमामयी नागरिक अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया. इस भव्य धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रम में प्रदीप नारायण सिंह को बतौर विशेष अतिथि आमंत्रित कर समाज सेवा के क्षेत्र में उनके अप्रतिम योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘श्री छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान’ से अलंकृत किया गया.

समारोह के दौरान श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष के बीच प्रदीप नारायण सिंह का स्वागत किया. समिति के अध्यक्ष आनंदराव सूर्यवंशी, महामंत्री अप्पा मोरे और कोषाध्यक्ष हनुमान शिन्दे ने संयुक्त रूप से उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न के रूप में वीर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा और अभिनंदन-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया.

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भावविभोर हुए प्रदीप नारायण सिंह

अभिनंदन पत्र में उल्लेख किया गया कि विश्वविख्यात धार्मिक नगरी काशी में समाज सेवा के क्षेत्र में कठिन परिश्रम, ईमानदारी और समर्पण के साथ दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए समिति उन्हें यह सम्मान प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना करती है. सम्मान ग्रहण करने से पूर्व प्रदीप नारायण सिंह ने विघ्नहर्ता भगवान गणेश के विग्रह के समक्ष शीश नवाकर पूजन-अर्चन किया और लोक-कल्याण की प्रार्थना की. सम्मान मिलने के बाद भावविभोर होकर उन्होंने कहा-

“गणपति बप्पा के दर्शन का परम सौभाग्य मिला और साथ ही मराठा समाज के स्नेह, प्रेम व आदर ने मुझे भीतर तक छू लिया. मैं तो स्वयं को एक बेहद सामान्य व्यक्ति मानता हूं, ऐसे में समाज के प्रबुद्ध और सम्मानित लोगों द्वारा मुझे इस योग्य समझना अत्यंत गौरव और सौभाग्य की बात है. श्री काशी मराठा समाज के सभी सदस्यों और आयोजकों का यह अपनत्व मेरे स्मृति पटल पर सदैव अंकित रहेगा.”

काशी और मराठा संस्कृति का ताना-बाना

काशी में मराठा समाज की परंपरा सदियों पुरानी है, जहाँ अहिल्याबाई होल्कर से लेकर पेशवाओं के काल तक इस नगरी के घाटों, मंदिरों और सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार हुआ. रेशम कटरा, चौक स्थित समिति के कार्यालय द्वारा आयोजित यह गणेशोत्सव काशी की इसी एकात्मता और सांस्कृतिक समरसता का अनुपम प्रतीक बनकर उभरा है.



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