Arif Aajakia On Pakistan In UN: आतंकवाद की फैक्ट्री चलाकर अपनी ही अवाम को भुखमरी और कंगाली में धकेलने वाले पाकिस्तान का घिनौना चेहरा एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब हुआ है. मानवाधिकार कार्यकर्ता, वरिष्ठ विश्लेषक और कराची के जमशेद टाउन के पूर्व मेयर आरिफ आजकिया ने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े मंच पर सिंधु जल संधि और पाकिस्तान के आंतरिक जल संकट को लेकर पाकिस्तानी हुक्मरानों और रावलपिंडी के जनरलों की जमकर क्लास लगाई है.
सिंधु घाटी की ऐतिहासिक विरासत से ताल्लुक रखने वाले आरिफ आजकिया ने बताया कि भारत को दोष देने से पहले पाकिस्तान को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. आजकिया ने दो-टूक कहा कि पाकिस्तान के पानी का असली लुटेरा भारत नहीं, बल्कि उसका अपना पंजाब प्रांत और पाकिस्तानी फौज है, जो सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के हिस्से का पानी छीनकर अपनी जागीरें सींच रहे हैं.
पानी भारत ने नहीं, पंजाब ने लूटा’ (Indus Waters Treaty Arif Aajakia)
अजाकिया ने कहा कि भारत से जो पानी पाकिस्तान में दाखिल होता है, उसका सबसे बड़ा हिस्सा पंजाब का विशाल कैनाल सिस्टम सोख लेता है. पांचों नदियों का पानी जब तक सिंध पहुंचता है, तब तक विशाल सिंधु नदी एक पतले नाले में तब्दील हो जाती है.
उन्होंने बताया कि गर्मियों में जब अतिरिक्त पानी आता है, तो पंजाब अपने सारे बैराज और गेट खोल देता है, जिससे पूरा सिंध बाढ़ में डूब जाता है. वहीं जरूरत के समय पानी रोक लिया जाता है. पानी को हथियार भारत ने नहीं, बल्कि पाकिस्तान के पंजाब और वहां के सामंतों ने अपनी ही अवाम, विशेषकर सिंधियों और बलूचों के खिलाफ बनाया है.
My speech in United Nations on community water right and Indus water treaty https://t.co/g18rUmQeGf
— Arif Aajakia (@arifaajakia) September 17, 2026
80 साल से फौज का कब्जा (Arif Aajakia Speech on Pakistan)
पाकिस्तानी सत्ता संरचना पर हमला बोलते हुए आजकिया ने कहा कि देश की असली बीमारी वहां की सेना है, जो पिछले 80 सालों से वास्तविक शासक बनी बैठी है. सेना, उसके कठपुतली जागीरदार, भ्रष्ट नौकरशाह, जज और मीडिया मिलकर देश को लूट रहे हैं.
पाकिस्तानी जनरल भारत के खिलाफ कभी कोई जंग नहीं जीत पाए, लेकिन रिटायरमेंट के बाद उन्हें ईनाम के तौर पर हजारों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि दी जाती है. यह ईनाम भारत को हराने के लिए नहीं, बल्कि अपनी ही जनता बलूचों, पश्तूनों और सिंधियों पर जुल्म ढाने के लिए मिलता है.
आगे उन्होंने कहा कि जुल्फिकार अली भुट्टो की फांसी के बाद सिंधियों का दमन हुआ, 1990 के दशक में 25,000 से अधिक मुहाजिरों को एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स में मौत के घाट उतारा गया, और आज PoJK व गिलगित-बाल्टिस्तान में अवाम आटा, चावल, बिजली और पानी जैसी बुनियादी चीजों को तरस रही है.
कश्मीर में दम तोड़ रहा है प्रोपेगेंडा (Arif Aajakia Exposes Pakistan at UN)
सोशल मीडिया के इस युग में पाकिस्तानी सेना का कश्मीर राग पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. आजकिया ने कहा कि जब PoJK के लोग देखते हैं कि भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में एम्स, मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटीज, टनल और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का जाल बिछ चुका है, तो उन्हें अपनी बेबसी नजर आती है.
PoJK और मीरपुर के लोगों को एक छोटी सी बीमारी के लिए रावलपिंडी भागना पड़ता है. अब कश्मीरी समझ चुके हैं कि उनका इस्तेमाल सिर्फ भारत के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए एक मोहरे की तरह किया गया.
‘मेड इन पाकिस्तान’ आतंकवाद (Arif Aajakia Speech on Pakistan)
सिंधु जल संधि को लेकर भारत की कड़ी नीति और कूटनीति का समर्थन करते हुए आरिफ आजकिया ने पाकिस्तान को आईना दिखाया. उन्होंने कहा कि ग्लोबल टेररिज्म, क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म और स्टेट टेररिज्म पाकिस्तान इन तीनों का ग्लोबल केंद्र है. दुनिया में जहां भी आतंकी हमला होता है, उसकी पूंछ उठाने पर ‘मेड इन पाकिस्तान’ की मुहर मिलती है (चाहे 9/11 हो, 26/11 मुंबई हमला हो, लंदन, मैड्रिड या बाली ब्लास्ट).
पाकिस्तान की सेना के लिए आतंकवाद एक उद्योग है. इस आतंकी निर्यात का सबसे बड़ा बाजार भारत, दूसरा अफगानिस्तान और तीसरा ईरान रहा है. यहां तक कि 1996 में चीन ने भी शिनजियांग में पाकिस्तानी जमात-ए-इस्लामी द्वारा आतंकियों की भर्ती पर सवाल खड़े किए थे, लेकिन दुनिया के ‘सबसे बड़े भिखारी’ पाकिस्तान ने मदद पाने के लिए चीन के आगे घुटने टेक दिए.
मोदी ने दिया था आखिरी मौका (Arif Aajakia Opinion On PM Modi)
आजकिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद लाहौर गए थे और उन्होंने नवाज शरीफ से हाथ मिलाकर दोस्ती का आखिरी मौका दिया था, लेकिन पाकिस्तानी फौज ने अपनी आतंकी फितरत नहीं छोड़ी. जब तक आतंकवाद बंद नहीं होगा, भारत से सामान्य रिश्तों की उम्मीद बेमानी है.
पाकिस्तान के लिए मतलब की सलाह
आरिफ आजकिया ने पाकिस्तान के हुक्मरानों को नसीहत देते हुए कहा कि भारत के पास 1.5 अरब (150 करोड़) लोगों का विशाल बाजार है, जिसके साथ व्यापार करके पाकिस्तान अपनी गरीबी मिटा सकता था. लेकिन सेना ने नफरत का रास्ता चुना. उन्होंने साफ कहा कि अगर पाकिस्तान सचमुच अपनी बर्बादी रोकना चाहता है, तो ओसामा बिन लादेन, अयमान अल-जवाहिरी और अबू जुबैदा को पनाह देने वाला पाकिस्तान अपनी जमीन पर मौजूद सभी ग्लोबल आतंकियों को तुरंत भारत के हवाले कर दे.
कौन हैं आरिफ आजकिया? (Who Is Arif Aajakia)
आरिफ आजकिया एक जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता, वरिष्ठ पत्रकार और चर्चित राजनीतिक विश्लेषक हैं. उनका जन्म 1964 में कराची में हुआ था. 1947 में भारत के खूनी विभाजन के दौरान उनके माता-पिता गुजरात के जूनागढ़ (पिता अजक गांव और मां बांटवा) से विस्थापित होकर कराची पहुंचे थे.
पाकिस्तान में मुहाजिरों के साथ दोयम दर्जे के नागरिक जैसा सलूक देखकर वे मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) से जुड़े. वे कराची के करीब 17 लाख की आबादी वाले जमशेद टाउन के निर्वाचित मेयर (नाजिम) रहे. 1992 में पाकिस्तानी सेना द्वारा मुहाजिरों के खिलाफ चलाए गए खूनी ऑपरेशन और जान के खतरे के बाद उन्होंने देश छोड़ा.
वे बेल्जियम और अब लंदन में रहकर पिछले तीन दशकों से संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC), यूरोपीय संसद और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के धार्मिक अल्पसंख्यकों, बलूचों और सिंधियों के अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं. सनातन धर्म और भगवद गीता का गहरा अध्ययन करने के कारण वे वैचारिक रूप से खुद को सनातनी मानते हैं और पाकिस्तान की कट्टरपंथी सैन्य नीतियों के सबसे बड़े आलोचक हैं.
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