मुंबई में Net Zero Portal लॉन्च किया
Net Zero Portal India: जलवायु परिवर्तन का असर अब मौसम के साथ-साथ हमारी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ नजर आने लगा है. खेती, पानी, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था तक इससे प्रभावित हो रहे हैं. ऐसे में दुनिया के सामने ग्रीनहाउस गैसों के बड़ी चुनौती है. भारत भी 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है. इसी कड़ी में सरकार ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है.
वर्ल्ड ओजोन डे 2026 के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने मुंबई में भारत का नेट जीरो पोर्टल और नेशनल एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज (NAPCC) डैशबोर्ड लॉन्च किया. इन दोनों प्लेटफॉर्म का मकसद जलवायु से जुड़े प्रयासों को डेटा के जरिए ट्रैक करना और उन्हें ज्यादा पारदर्शी बनाना है.
कंपनियां बता सकेंगी अपना उत्सर्जन
नेट जीरो पोर्टल पर भारतीय कंपनियां, संगठन और दूसरी पात्र संस्थाएं स्वेच्छा से अपने नेट जीरो लक्ष्य दर्ज कर सकेंगी. इसके साथ वे अपने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन और हर साल हुई प्रगति की जानकारी भी साझा कर सकती हैं. इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि किसी संस्था ने उत्सर्जन घटाने के लिए क्या कदम उठाए और उसके लक्ष्य की दिशा में कितनी प्रगति हुई.
सरकार ने संस्थाओं को Scope 1 और Scope 2 उत्सर्जन की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित किया है. Scope 1 में सीधे होने वाला उत्सर्जन, जबकि Scope 2 में खरीदी गई बिजली या ऊर्जा से जुड़ा उत्सर्जन आता है. Scope 3 में सप्लायर, परिवहन और उत्पादों के इस्तेमाल जैसी पूरी वैल्यू चेन से होने वाला अप्रत्यक्ष उत्सर्जन शामिल होता है.
बनेगा नेट जीरो लक्ष्यों का रिकॉर्ड
पोर्टल पर कंपनियां और दूसरी संस्थाएं यह भी जानकारी दे सकेंगी कि प्रदूषण कम करने के लिए वे क्या कदम उठा रही हैं. इसमें सौर और दूसरी स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना, बिजली की बचत करना, नई तकनीक अपनाना और वातावरण से कार्बन कम करने जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं.
जो संस्थाएं नेट जीरो का लक्ष्य तय करेंगी, उन्हें पर्यावरण मंत्रालय की ओर से मान्यता पत्र भी दिया जाएगा. पोर्टल पर इन संस्थाओं की ओर से दी गई जानकारी सार्वजनिक रहेगी. इससे लोगों को पता चल सकेगा कि कौन-कौन सी संस्थाएं नेट जीरो का लक्ष्य लेकर काम कर रही हैं और उन्होंने इसके लिए क्या कदम उठाए हैं. इस तरह पोर्टल पर देश में स्वेच्छा से तय किए गए नेट जीरो लक्ष्यों का एक साझा रिकॉर्ड तैयार होगा.
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NAPCC डैशबोर्ड से मिशनों की निगरानी
सरकार ने NAPCC डैशबोर्ड भी शुरू किया है. इसमें जलवायु परिवर्तन से जुड़े राष्ट्रीय मिशनों की प्रगति और प्रमुख संकेतकों की जानकारी एक जगह मिलेगी. इससे मंत्रालयों और विभागों को योजनाओं की निगरानी करने और कमियों की पहचान करने में मदद मिलेगी.
इन पहलों के जरिए सरकार जलवायु कार्रवाई को ज्यादा डेटा आधारित और पारदर्शी बनाने की कोशिश कर रही है. वहीं, जलवायु विशेषज्ञों का एक वर्ग मानता है कि 2070 का लक्ष्य पर्याप्त तेज नहीं है और नेट जीरो की दिशा में इससे पहले तेजी से कदम बढ़ाने की जरूरत है.
-भारत एक्सप्रेस
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