सनातन संस्कृति, मानवता और समाज कल्याण के मार्ग पर चलने वाली दो महान विभूतियों का एक बेहद भावुक और स्नेहपूर्ण मिलन इन दिनों पूरे आध्यात्मिक जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है. सचखंड नानक धाम के संस्थापक संत त्रिलोचन दर्शन दास जी महाराज अपने अनुयायियों के साथ हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात योग गुरु स्वामी रामदेव जी महाराज से हुई. दोनों संतों के इस दिव्य मिलाप ने दुनिया भर में फैले उनके लाखों श्रद्धालुओं का दिल जीत लिया है.
गले लगाकर स्वामी रामदेव ने किया भव्य स्वागत
पतंजलि योगपीठ पहुंचने पर स्वामी रामदेव जी ने अत्यंत आदर और सादगी के साथ संत त्रिलोचन दर्शन दास जी का स्वागत किया. जब दोनों संत आमने-सामने आए, तो उन्होंने एक-दूसरे को गले लगाकर अभिवादन किया. इस भावुक और आत्मीय मिलाप को देखकर वहां मौजूद सभी भक्त भावविभोर हो गए. यह मिलन केवल दो गुरुओं की मुलाकात नहीं, बल्कि नाम-सिमरन व मानवता की सेवा और योग, आयुर्वेद व स्वदेशी-इन दो महान धाराओं का एक अनूठा संगम बनकर सामने आया है.
सोशल मीडिया पर छाया दिव्य मिलन
दोनों महापुरुषों के इस दुर्लभ मिलन की तस्वीरें और रील्स इंस्टाग्राम व फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल हो रही हैं. लाखों की संख्या में श्रद्धालु इस वीडियो को देख चुके हैं और इसे ‘अध्यात्म और योग का सुंदर समन्वय’ बता रहे हैं. वीडियो में दोनों संतों की मुस्कान, सादगी और एक-दूसरे के प्रति अगाध सम्मान देखकर लोग इसे सनातन संस्कृति की सबसे खूबसूरत तस्वीर करार दे रहे हैं.
शुद्ध आत्मा के लिए नाम-सिमरन का दिया संदेश
मुलाकात के दौरान दोनों संतों के बीच समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने, युवाओं को नशे से दूर रखने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार पर गहन चर्चा हुई. दोनों गुरुओं ने समाज को एक बड़ा संदेश देते हुए कहा कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग और आत्मा को शुद्ध रखने के लिए प्रभु का नाम-सिमरन दोनों ही अत्यंत आवश्यक हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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