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रोज करें ताड़ासन, पोस्चर होगा बेहतर; जानिए सही तरीका और जरूरी सावधानियां

Tadasana Benefits: लंबे समय तक बैठकर काम करने से बिगड़े पोस्चर और शरीर में होने वाली जकड़न के बीच ताड़ासन एक आसान योगासन है. जानिए ताड़ासन करने का सही तरीका, इसके संभावित फायदे, हाइट से जुड़ा दावा और किन लोगों को अभ्यास में सावधानी बरतनी चाहिए.

Tadasana Benefits and How to Do Tadasana

Tadasana Benefits and How to Do Tadasana- bharat express

Tadasana Benefits: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने की वजह से शरीर का पोस्चर प्रभावित हो सकता है. लगातार बैठने से पीठ, कंधों और गर्दन पर भी दबाव महसूस हो सकता है. ऐसे में शरीर और मन को संतुलित रखने के लिए योग को दिनचर्या में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. योग के कई आसनों में ताड़ासन एक ऐसा मूलभूत आसन है, जिसे करना बेहद आसान है.

क्या है ताड़ासन?

ताड़ासन को समस्थिति भी कहा जाता है. संस्कृत में ‘ताड़’ का अर्थ पर्वत होता है. इसी वजह से इस आसन का नाम ताड़ासन पड़ा. योगाभ्यास में इसे महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि कई अन्य आसनों के लिए शरीर को सही स्थिति में लाने में यह मदद करता है.

कैसे करें ताड़ासन?

ताड़ासन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों के बीच करीब 2 इंच की दूरी रखें. अब हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें और कलाई को बाहर की ओर मोड़ें. इसके बाद सांस लेते हुए दोनों बाजुओं को सिर के ऊपर कंधों की सीध में उठाएं. अब धीरे-धीरे एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाते हुए पंजों पर अपना संतुलन बनाएं. शरीर को ऊपर की ओर खींचते हुए इस मुद्रा में करीब 10 से 15 सेकंड तक रहने का प्रयास करें. इसके बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में वापस आ जाएं.

छाती, कंधे और पीठ की मांसपेशियों में आता है खिंचाव

रोजमर्रा की जिंदगी में हम अक्सर छाती और पीठ की मांसपेशियों को पर्याप्त स्ट्रेच नहीं कर पाते. ताड़ासन के दौरान शरीर को ऊपर की ओर खींचने से छाती, कंधों और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव महसूस हो सकता है. नियमित अभ्यास से शरीर की मुद्रा और संतुलन पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.

क्या ताड़ासन से बढ़ सकती है हाइट?

ताड़ासन को लेकर अक्सर यह दावा किया जाता है कि इसके नियमित अभ्यास से कद बढ़ने में मदद मिल सकती है. हालांकि, वयस्कों में योगासन से हड्डियों की लंबाई बढ़ने की गारंटी नहीं मानी जा सकती. यह आसन शरीर को स्ट्रेच करने और पोस्चर को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है, जिससे व्यक्ति अधिक सीधा और संतुलित नजर आ सकता है.

स्लिप डिस्क को लेकर भी किया जाता है दावा

ताड़ासन को पीठ और रीढ़ के लिए उपयोगी बताया जाता है, लेकिन इसे स्लिप डिस्क से बचाव की गारंटी के तौर पर नहीं देखना चाहिए. यदि पहले से कमर या रीढ़ से जुड़ी समस्या है, तो योगाभ्यास शुरू करने से पहले विशेषज्ञ या चिकित्सक की सलाह लेना बेहतर है.

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इन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी

ताड़ासन आसान जरूर है, लेकिन इसे करते समय शरीर की क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है. खासकर:

लो ब्लड प्रेशर या चक्कर की समस्या वाले लोग पंजों पर संतुलन बनाते समय सावधानी बरतें.
गर्भवती महिलाएं योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही इसका अभ्यास करें.
लंबे समय तक मुद्रा में रहने से पैरों पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए क्षमता के अनुसार ही अभ्यास करें.
संतुलन बनाने में परेशानी हो तो शुरुआत में किसी सहारे के पास अभ्यास किया जा सकता है.

कुल मिलाकर, ताड़ासन एक सरल योगासन है, जिसे नियमित योग अभ्यास का हिस्सा बनाया जा सकता है. हालांकि, किसी भी योगासन को करते समय सही तकनीक और अपनी शारीरिक क्षमता का ध्यान रखना जरूरी है.

भारत एक्सप्रेस



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