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‘बेटियों के अपमान पर चुप नहीं बैठेंगे…’, समस्तीपुर में युवती से बदसलूकी के वायरल वीडियो पर भड़कीं सांसद शांभवी चौधरी, पुलिस ने की कार्रवाई

समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने युवती के साथ हुई बदसलूकी की घटना की निंदा की है. उन्होंने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस तरह की घटना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है.

समस्तीपुर में युवती के साथ बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है. घटना को लेकर समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी ने कड़ी नाराजगी जताई है. उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए साफ कहा कि महिलाओं के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाओं में पीड़ितों के साथ मजबूती से खड़ा होना जरूरी है. उन्होंने घटना का वीडियो सामने आने के बाद समस्तीपुर पुलिस की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई का भी स्वागत किया. पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है.

वीडियो सामने आते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

शांभवी चौधरी के मुताबिक, घटना से जुड़ा वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आया और फैलने लगा, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी. चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है.

सांसद ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्तीपुर में किसी भी बेटी के साथ भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए हरसंभव कदम उठाए जाने चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से अपराध के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही गई है. उनके मुताबिक, महिला सुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और अपराध सामने आने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई जरूरी है.

शांभवी चौधरी ने इस घटना से आगे बढ़कर युवाओं के बीच सामने आ रहे एक चिंताजनक पैटर्न का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में युवतियों के साथ छेड़खानी या बदसलूकी करने के बाद उसका वीडियो बनाया जाता है और फिर उसे सोशल मीडिया या दूसरे माध्यमों से प्रसारित कर दिया जाता है.

सांसद का कहना है कि अलग-अलग जगहों से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसे में सिर्फ पुलिस या सरकार के भरोसे इस समस्या का समाधान नहीं किया जा सकता. समाज को भी इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना होगा.

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर युवाओं के एक वर्ग में इस तरह की सोच क्यों पैदा हो रही है. इसके पीछे की मानसिकता को समझना और उस पर खुलकर चर्चा करना भी जरूरी है. उनके मुताबिक, परिवार, समाज और प्रशासन—सभी की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण है.

कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा जरूरी

सांसद ने कहा कि सुशासन का मतलब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं है. सरकार और प्रशासन को समय-समय पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा भी करनी चाहिए. अगर किसी स्तर पर कोई कमी सामने आती है तो उसे दूर करके व्यवस्था को और मजबूत किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर सरकार, पुलिस-प्रशासन और समाज को मिलकर काम करना होगा. सिर्फ कार्रवाई होने के बाद मामला खत्म मान लेना पर्याप्त नहीं है. जरूरत इस बात की है कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं.

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-भारत एक्सप्रेस



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