बृजभूषण शरण सिंह.
कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को यौन शोषण के आरोपो से बरी किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 26 सितंबर को सुनवाई करेगा. महिला पहलवानों ने मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले के खिलाफ सेंशन कोर्ट में अपील दायर की है. पहलवानों ने अपनी अपील में सह-आरोपी विनोद तोमर को बरी किए जाने के खिलाफ भी याचिका दायर की गई है.
पहलवानों ने 3 अगस्त को एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ यह याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट का यह फैसला रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों और चुनिंदा व्याख्या पर आधारित है. दायर याचिका में कहा गया है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का आदेश कानून की नजर में टिकाऊ नहीं है, साथ ही सबूतों के गलत व चुनिंदा तरीके से आकलन किया गया है.
याचिका में यह भी कहा गया है कि फैसला देते समय कानूनी सिद्धांतोका सही तरीके से पालन नही किया गया है. कोर्ट का यह फैसला पीड़िता के व्यवहार को लेकर पुरानी रूढ़िवादी सोच पर आधारित है. कोर्ट ने सबूत के आभाव में बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया था.
महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के मामले में सभी पक्षों की जिरह के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. महिला पहलवानों की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रेबेका जॉन ने दोनों आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की थी. इस मामले में 30 जून को बृजभूषण शरण सिंह और डब्ल्यूएफआई के पूर्व सचिव विनोद तोमर की ओर से पेश वकील राजीव मोहन आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें मनगढ़ंत और बदनाम करने की नीयत से लगाया गया था, लिहाजा दोनों को बरी करने की मांग किया था.
मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व सचिव विनोद तोमर कोर्ट में मौजूद थे. कोर्ट ने 10 मई 2024 को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था. अदालत ने 11 जुलाई 2025 को पूर्व सांसद और पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण और विनोद तोमर के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने और मुकदमा शुरू करने का निर्देश दिया था.
पहलवान, रेफरी, कोच और फिजियोथेरेपिस्ट गवाहों में शामिल
बता दें कि बृज भूषण सिंह के खिलाफ छह महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न, मारपीट और पीछा करने के आरोप में 1500 पन्नों की चार्जशीट में चार राज्यों के कम से कम 22 गवाहों के बयानों का उल्लेख किया गया है. इनमें पहलवान, एक रेफरी, एक कोच और एक फिजियोथेरेपिस्ट भी शामिल है. इन्होंने आरोपों कि पुष्टि की है. महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने पूर्व सांसद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी.
पुलिस ने 15 जून, 2023 को सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 (शील भंग), 354ए (यौन से संबंधित टिप्पणी करने), 354डी (पीछा करना) और 506 (1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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