Russia Germany Clash: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के वार्षिक सत्र में रूस और जर्मनी के बीच कूटनीतिक तल्खी चरम पर पहुंच गई. जर्मन विदेश मंत्री द्वारा युद्ध रोकने की अपील के बाद रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मनी पर तीखा हमला बोला और बर्लिन के रुख की कड़ी आलोचना की.
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मनी पर यूक्रेन को बढ़ावा देने और यूरोप में सैन्य ताकत बनने की कोशिश करने का आरोप लगाया. इसके साथ ही उन्होंने यूएन सुरक्षा परिषद में जर्मनी और जापान को स्थायी सदस्यता दिए जाने के प्रयासों पर वीटो लगाने की भी चेतावनी दी.
UNGA में आमने-सामने रूस और जर्मनी
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के वार्षिक सत्र के दौरान रूस और जर्मनी के बीच कूटनीतिक तनाव खुलकर सामने आ गया. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने जर्मनी की उस सलाह को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें बर्लिन ने रूस से तनाव घटाने की मांग की थी.
दूसरे विश्व युद्ध के सबक का दिया हवाला
संबोधन के दौरान सर्गेई लावरोव ने जर्मनी पर यूक्रेन का मुख्य प्रायोजक होने और यूरोप में सैन्य शक्ति बनने की कोशिश का आरोप लगाया. लावरोव ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सवाल किया कि क्या बर्लिन को इसके नतीजों की समझ है और क्या उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के सबक से कुछ नहीं सीखा.
स्थायी सदस्यता की कोशिशों पर वीटो की चेतावनी
रूसी विदेश मंत्री ने जर्मनी और जापान की यूएन सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता के प्रयासों का विरोध किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि रूस इन दोनों देशों को स्थायी सीट देने के किसी भी प्रस्ताव पर वीटो का इस्तेमाल करेगा. उन्होंने याद दिलाया कि द्वितीय विश्व युद्ध के समय ये दोनों देश रूस के खिलाफ लड़े थे.
पश्चिमी देशों की रणनीति पर सवाल
लावरोव ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे रूस को रणनीतिक रूप से हराना चाहते हैं, लेकिन खुद एक बड़े गतिरोध में फंस जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि रूस अगस्त 2025 में अलास्का में हुए समझौते की शर्तों पर लौटने के लिए आज भी तैयार है.
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-भारत एक्सप्रेस
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