Why Weather Suddenly Change: सितंबर का आखिरी दौर आमतौर पर मानसून के जाने और विदा होने का समय माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने एक ऐसा अप्रत्याशित और आक्रामक मोड़ लिया है, जिसने देश के बड़े हिस्से को थरथरा दिया है.
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में अचानक हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने आम जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई संवेदनशील राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.
आखिर अचानक क्यों बदला मौसम का रुख? (Monsoon Withdrawal Weather)
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, इस अचानक बदलाव के पीछे मुख्य वजह मध्य भारत के ऊपर बना एक मजबूत डिप्रेशन (कम दबाव का मौसम तंत्र) है. IMD के अनुसार, यह सक्रिय सिस्टम उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर केंद्रित था. इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में लगातार भारी मात्रा में नमी (moisture) पहुंच रही है.
इसके साथ ही, बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं इस सिस्टम को और अधिक ताकतवर बना रही हैं. समुद्र से उठने वाली यह भारी नमी जब जमीन की ओर बढ़कर अनुकूल मौसम तंत्र से मिलती है, तो बड़े और सक्रिय बादलों का निर्माण होता है. यही वजह है कि सितंबर के अंत में भी कई जगहों पर मूसलाधार बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने जैसी खतरनाक स्थितियां पैदा हो गई हैं.
पहाड़ी राज्यों पर सबसे ज्यादा असर (IMD Weather Forecast)
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी है, खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अलर्ट है. वहीं, पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में यह मानसूनी आफत और अधिक गंभीर रूप ले सकती है. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और अचानक बाढ़ (Flash Floods) जैसी आपदाओं का खतरा बढ़ गया है. प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक रूप से पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से बचने की हिदायत दी है.
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इसके अलावा, मध्य प्रदेश और झारखंड में भी गरज-चमक के साथ भारी बारिश दर्ज की जा रही है. स्पष्ट है कि यह किसी एक राज्य तक सीमित मौसमी बदलाव नहीं है, बल्कि एक बड़े और व्यापक वेदर सिस्टम के कारण मध्य, उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं.
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