CM Yogi Adityanath
UP News: पवन सेंगर/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखनऊ में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को बधाई दी. इस दौरान सीएम ने युवाओं के साथ खुद सेल्फी लेकर माहौल को बेहद खास और यादगार बना दिया. अपने संबोधन में उन्होंने 2017 से पहले के माफियाराज और आज के पारदर्शी, सुरक्षित और दंगा-मुक्त यूपी के अंतर को स्पष्ट रूप से सामने रखा.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए और नवनियुक्त युवाओं के साथ सेल्फी लेकर उनका उत्साह बढ़ाया. अपने संबोधन में सीएम ने 2017 से पहले के माफियाराज, दंगों और संवेदनहीन शासन की तुलना आज के सुरक्षित, दंगा-मुक्त और पारदर्शी यूपी से की. उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार बिना किसी भेदभाव के प्रदेश के हर गांव और गरीब तक विकास की योजनाएं पहुंचा रही है.
उत्सव का माहौल और युवाओं के साथ सीएम की सेल्फी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित ग्राम पंचायत अधिकारियों के लिए आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम उस समय बेहद खास बन गया, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवनियुक्त अधिकारियों के साथ मुस्कुराते हुए सेल्फी ली. नियुक्ति पत्र हाथों में थामे युवाओं के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी. सीएम के इस सहज अंदाज ने कार्यक्रम में मौजूद सभी युवाओं का दिल जीत लिया और पूरे माहौल में एक नया उत्साह भर दिया.
2017 से पहले की अराजकता और आज का बदलता प्रदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतीत और वर्तमान के अंतर को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश में अराजकता का माहौल था और हर जिले में माफियाओं की समानांतर सरकारें चला करती थीं. दबंग असलहा लहराते हुए खुली जीप में घूमते थे और पर्व-त्योहारों से पहले ही उपद्रव शुरू हो जाते थे. सीएम ने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश पूरी तरह से कर्फ्यू, दंगे, उपद्रव और माफियाओं से मुक्त हो चुका है. अब प्रदेश पूरी ईमानदारी के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है और इसी पारदर्शी माहौल में युवाओं को नौकरियां मिल रही हैं.
विपक्ष पर संवेदनहीनता का आरोप और विकास का सच
सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पूर्वी और मध्य यूपी के करीब 30 जिलों में हर साल मस्तिष्क ज्वर (एंसेफलाइटिस) से सैकड़ों गरीब बच्चों की जान जाती थी. चार बार सत्ता में रहने के बावजूद समाजवादी पार्टी के मुख्यमंत्री तो दूर, उनके स्वास्थ्य मंत्री ने भी कभी उन अस्पतालों का दौरा नहीं किया जहां मासूम बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे. उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों के लिए विकास का मतलब सिर्फ सैफई तक सीमित था, जबकि प्रदेश के बाकी 57,700 गांवों और जिलों की पूरी तरह अनदेखी की गई.
बिना भेदभाव के विकास और पारदर्शी शासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले केंद्र सरकार गरीबों के लिए पैसा देना चाहती थी, लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार ने इसे लागू नहीं होने दिया. आज प्रदेश के 16 करोड़ परिवारों को मुफ्त राशन, शौचालय और उज्ज्वला योजना जैसी सुविधाओं का सीधा लाभ बिना किसी भेदभाव के मिल रहा है. हम चुनाव भले ही पार्टी के आधार पर लड़ते हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद हर गरीब को योजना का लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता होती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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