सोनिया गांधी को ललन सिंह का करारा जवाब
Lalan Singh On Sonia Gandhi: कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में नीतीश कुमार को लेकर सोनिया गांधी की टिप्पणी सामने आते ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. सोनिया गांधी के कथित बयान पर JDU नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने करारा जवाब दिया है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को सोनिया गांधी के किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. ललन सिंह ने नीतीश कुमार के 20 साल के राजनीतिक सफर और बिहार में उनके काम का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने काम के दम पर जनता की सेवा की है.
दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2024 में INDIA ब्लॉक से अलग होने का मुद्दा भी उठा था. रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार को INDIA ब्लॉक से अलग नहीं होने देना चाहिए था. अगर वह गठबंधन में बने रहते तो राजनीतिक स्थिति अलग हो सकती थी.
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में श्रीमती सोनिया गांधी जी ने श्री @NitishKumar जी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। मुझे इस टिप्पणी पर आश्चर्य होता है।
नीतीश जी सोनिया गांधी जी के सर्टिफिकेट के मोहताज़ नहीं है। उन्हें लोग प्यार से विकास पुरुष कहते हैं। उन्होंने 20 साल के शासनकाल में बिहार… pic.twitter.com/zIbatpzZHx
— Rajiv Ranjan (Lalan) Singh (@LalanSingh_1) September 30, 2026
सोनिया गांधी ने क्या कहा?
इसी पर सोनिया गांधी की कथित टिप्पणी का हवाला देते हुए कहा गया कि नीतीश कुमार का गठबंधन से अलग होना बेहतर रहा. रिपोर्ट के मुताबिक सोनिया गांधी ने कहा कि नीतीश कुमार पहले से ही INDIA ब्लॉक से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे थे. सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि उन्होंने नीतीश कुमार पर बीजेपी के प्रभाव की बात कही.
काम के बल पर नीतीश ने बदली तस्वीर
सोनिया गांधी की इसी टिप्पणी पर ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने काम के बल पर 20 वर्षों तक बिहार की जनता की सेवा की और बिहार की तस्वीर बदली. उन्होंने कहा कि आज देश ही नहीं, दुनिया में भी नीतीश कुमार की चर्चा होती है.
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ललन सिंह ने जातीय जनगणना के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा. उन्होंने दावा किया कि जब नीतीश कुमार कुछ समय के लिए INDIA गठबंधन में थे, तब उन्होंने गठबंधन से जातीय जनगणना का प्रस्ताव पास करने की मांग की थी. ललन सिंह के मुताबिक, उस समय ममता बनर्जी के कहने पर सोनिया गांधी ने कहा था कि इसकी जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जातीय जनगणना कराने की घोषणा की.
-भारत एक्सप्रेस
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