Plane Hijacking History: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) को भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार में किसी तरह बचा लिया. पायलट व यात्रियों की सूझबूझ से बड़ी त्रासदी टल गई. हालांकि, इससे दुनिया का ध्यान एक बार फिर विमानन सुरक्षा की ओर खींच लिया है. इसने दुनिया को इतिहास के उन काले अध्यायों की याद दिला दी है जब आसमान में उड़ते विमान आतंकवाद और साजिशों का शिकार बने थे.
आइए नजर डालते हैं दुनिया के उन सबसे बड़े और खौफनाक मामलों पर, जिन्होंने एविएशन इंडस्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को हमेशा के लिए बदल दिया.
11 सितंबर 2001 का आतंकी हमला (History of Major Plane Hijackings)
आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा और विनाशकारी विमान अपहरण 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुआ था. अल-कायदा के 19 आतंकवादियों ने चार अमेरिकी यात्री विमानों को हाईजैक कर लिया था. इनमें से दो विमान न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड Center के ट्विन टावर्स से टकराए, तीसरा पेंटागन से जा टकराया, जबकि चौथे विमान को यात्रियों के प्रतिरोध के बाद पेंसिल्वेनिया में क्रैश करना पड़ा. इस भीषण हमले में करीब 3,000 लोगों की जान गई थी, जिसके बाद दुनिया भर के एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा के नियमों को बेहद सख्त कर दिया गया था.
इंडियन एयरलाइंस फ्लाइट 814 (Plane Hijackings Case)
भारत के लिहाज से 1999 की IC-814 हाइजैकिंग सबसे डरावने पन्नों में से एक है. काठमांडू से दिल्ली आ रही इंडियन एयरलाइंस की इस फ्लाइट को आतंकवादियों ने हाईजैक कर अमृतसर, लाहौर और दुबई होते हुए अफगानिस्तान के कंधार में उतार दिया था. लगभग एक हफ्ते तक चले इस बंधक संकट में आतंकवादियों ने एक यात्री की निर्मम हत्या कर दी थी. अंततः, बंधकों को छुड़ाने के लिए भारत सरकार को तीन कुख्यात आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा था.
ऑपरेशन एंटेबे: एयर फ्रांस फ्लाइट 139 (Plane Hijackings List)
साल 1976 में तेल अवीव से पेरिस जा रही एयर फ्रांस की फ्लाइट को हाईजैक कर युगांडा के एंटेबे एयरपोर्ट ले जाया गया था. आतंकवादियों ने इजरायली और यहूदी यात्रियों को बंधक बना लिया था. तब इजरायल के विशेष कमांडो ने रात के अंधेरे में एक असाधारण और ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन एंटेबे’ को अंजाम देकर अधिकांश बंधकों को सुरक्षित बचा लिया था. हालांकि, इस साहसी अभियान में कुछ लोगों के साथ-साथ कमांडो कमांडर योनातन नेतन्याहू की भी जान चली गई थी.
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कुछ और घटनाओं से मिला सबक
1970 की डॉसन फील्ड हाइजैकिंग, 1986 की Pan Am फ्लाइट 73 (जिसमें फ्लाइट अटेंडेंट नीरजा भनोट ने अपनी जान देकर यात्रियों की रक्षा की थी), और 1996 की इथोपियाई एयरलाइंस फ्लाइट 961 जैसी घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं कि आसमान में उड़ता हर विमान सिर्फ एक सफर नहीं, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों की जिम्मेदारी होता है. फ्लाईदुबई की हालिया घटना यह साबित करती है कि आज भी कॉकपिट और विमानन सुरक्षा में सतर्कता बरतना कितना जरूरी है.
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