पटना से बेंगलुरु तक प्रदर्शन बवाल
INDIA Alliance Protest: चुनाव आयोग की SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर विपक्ष लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है. राजधानी दिल्ली से लेकर पटना, लखनऊ, हैदराबाद और बेंगलुरु तक अलग-अलग राजनीतिक दलों और संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किए. विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में कई तरह की गड़बड़ियां हैं, जबकि प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई.
पटना में तेजस्वी यादव ने संभाला मोर्चा
बिहार की राजधानी पटना में विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं ने सड़क पर उतरकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस विरोध मार्च की अगुवाई राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने की.
उनके साथ सांसद मीसा भारती समेत गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे. सभी ने मिलकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए.
डरेंगे नहीं- झुकेंगे नहीं
भिड़ेंगे, लड़ेंगे और जीतेंगे।धांधली, बेईमानी और डकैती से चुनाव जीतने वाले तानाशाहों और उनके ज्ञानेश जैसे नमूनों को अब जनता बख़्शेगी नहीं!
बस! अब बहुत हुई RSS-BJP की चोरी और ठगी! https://t.co/AxM4LcOyQx
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 8, 2026
शहीद स्मारक से लोक भवन तक मार्च
प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा परिसर के पास मौजूद शहीद स्मारक से मार्च शुरू किया और लोक भवन की ओर बढ़े. लेकिन निर्वाचन आयोग के कार्यालय के पास पहुंचने से पहले ही भारी संख्या में तैनात पुलिस बल और बैरिकेडिंग के जरिए उन्हें रोक दिया गया.
इस दौरान नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई. हालात ऐसे बने कि धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली. हालांकि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया.
राज्यपाल से मिलने के बाद तेजस्वी का हमला
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार और चुनाव आयोग दोनों पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का रवैया दमनकारी था और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों को रोका जा रहा है.
तेजस्वी ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता खो चुका है और उसकी कार्यशैली से एक खास राजनीतिक दल को लाभ पहुंच रहा है.
सोशल मीडिया पर भी दिखा आक्रोश
प्रदर्शन के बाद तेजस्वी यादव ने अपने मार्च का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा कि वे डरने या झुकने वाले नहीं हैं और संघर्ष जारी रहेगा. उन्होंने केंद्र सरकार, बीजेपी और चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि जनता अब कथित धांधली और बेईमानी को बर्दाश्त नहीं करेगी.
लखनऊ में कांग्रेस और सपा सड़क पर उतरी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी SIR प्रक्रिया को लेकर विरोध देखने को मिला. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की.
कांग्रेस की नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़क पर उतरे. प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी हुई. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आराधना मिश्रा सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.
तेलंगाना में INDIA ब्लॉक का मार्च
तेलंगाना में भी कांग्रेस और INDIA गठबंधन से जुड़े दलों ने रैली आयोजित कर चुनाव आयोग का विरोध किया. ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत यह मार्च नेकलेस रोड पर इंदिरा गांधी की प्रतिमा से शुरू होकर लोक भवन तक निकाला गया.
रैली में राज्य सरकार के कई मंत्री और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. इनमें पोन्नम प्रभाकर, डी श्रीधर बाबू, जुपल्ली कृष्ण राव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बी महेश कुमार गौड़ प्रमुख रूप से मौजूद रहे.
चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप
रैली के दौरान बी महेश कुमार गौड़ ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव आयोग का इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे.
बेंगलुरु में CJP का प्रदर्शन
बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में भी CJP के बैनर तले विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके, यूट्यूबर ध्रुव राठी और अभिनेता-एक्टिविस्ट प्रकाश राज मौजूद रहे.
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का इस्तेमाल ऐसे मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है जो बीजेपी के खिलाफ मतदान कर सकते हैं.
महिलाओं ने किया अनोखा ‘चप्पल प्रदर्शन’
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में महिलाओं ने विरोध का एक अलग तरीका अपनाया. महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की मांग को लेकर ‘चप्पल प्रदर्शन’ किया गया, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा.
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इस कार्यक्रम में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास भी शामिल हुए. हाथों में तख्तियां लेकर महिलाओं ने कहा कि सुरक्षा केवल अधिकार का विषय नहीं, बल्कि सरकार की जिम्मेदारी भी है. प्रदर्शनकारियों ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताते हुए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की मांग की.
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-भारत एक्सप्रेस
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