राहुल गांधी के दावे पर BJP का पलटवार
Rahul Gandhi CJP Protest: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) से मुलाकात के बाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के बयान को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है. बीजेपी ने कांग्रेस नेता पर राष्ट्रपति की बात को गलत तरीके से पेश करने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है. विवाद उस दावे के बाद शुरू हुआ, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों को खारिज नहीं किया और विपक्षी नेताओं की बातों को स्वीकार किया. बीजेपी ने इस बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए राहुल गांधी से सबूत भी मांगे हैं.
यह पूरा मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्ष चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी (SIR Controversy) के मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहा है. इसी मुद्दे को लेकर इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने शुक्रवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की थी.
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने क्या कहा?
इंडिया ब्लॉक के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर द्रौपदी मुर्मु को एक ज्ञापन सौंपा. इसमें कथित वोट चोरी और चुनाव में धांधली से जुड़े मुद्दे उठाए गए. विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर गंभीरता से ध्यान दिया जाना चाहिए.
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह इस बात से हैरान और स्तब्ध थे कि राष्ट्रपति ने चुनाव में धांधली के आरोपों का खंडन नहीं किया. उनके मुताबिक, राष्ट्रपति ने विपक्षी नेताओं की बातों को स्वीकार किया.
राहुल गांधी के इसी बयान पर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई. पार्टी का कहना है कि राष्ट्रपति के साथ हुई बैठक को अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है.
राहुल गांधी सबूत दें- बीजेपी
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावे को दुर्भाग्यपूर्ण और अजीब बताते हुए उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह कहना कि राष्ट्रपति ने विपक्ष के आरोपों को स्वीकार कर लिया, उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है.
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को भी राजनीतिक विवाद में खींच रहे हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद दिए गए बयान को लेकर राहुल गांधी को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके दावे का आधार क्या है. बीजेपी नेता ने राहुल गांधी से सवाल किया कि अगर राष्ट्रपति ने वास्तव में विपक्ष के आरोपों को स्वीकार किया है, तो उनके पास इसे साबित करने के लिए क्या सबूत हैं?
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CJP प्रोटेस्ट से क्या है कनेक्शन? (CJP Protest delhi)
इस विवाद की पृष्ठभूमि में चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की मुहिम है. इंडिया ब्लॉक लगातार कथित वोट चोरी और चुनाव में अनियमितताओं के मुद्दे उठा रहा है. राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपना भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा था.
आज 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP और अन्य छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) इस्तीफा दें. CJP का आरोप है कि चुनाव आयोग मतदाता सूची और SIR में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी कर रहा है.
-भारत एक्सप्रेस
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