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‘लस्ट स्टोरीज दिखाई और रात 11:40 बजे तक घर पर लिया वाइवा…’ तेजी से वायरल हो रहे कांग्रेस सांसद के गंदे किस्से

JNU Professor Sacked: छात्राओं से अश्लील सवाल पूछने और देर रात घर पर वाइवा लेने जैसे गंभीर आरोपों के साबित होने पर JNU ने कांग्रेस सांसद और प्रोफेसर बिमोल अकोइजाम को बर्खास्त कर दिया है.

गंभीर आरोपों के बाद JNU ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को प्रोफेसर पद से हटाया.

JNU Professor Sacked: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) ने यौन उत्पीड़न और शिक्षक-छात्र संबंधों की गरिमा के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के बाद अपने प्रोफेसर और मणिपुर से कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजाम को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया है. विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर कुलपति शांतिश्री धूलिपुलि पंडित द्वारा 9 अक्टूबर को यह कड़ी कार्रवाई की गई.

जेएनयू के सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स में प्रोफेसर और मणिपुर के इनर मणिपुर क्षेत्र से कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम को यूनिवर्सिटी ने पद से बर्खास्त कर दिया है. आंतरिक जांच समिति ने पाया कि वह छात्राओं से अनुचित और अश्लील सवाल पूछते थे, घर पर देर रात तक वाइवा लेते थे और बिना सहमति शारीरिक संपर्क बनाते थे. हालांकि, बिमोल अकोइजाम ने इन आरोपों को खुद के खिलाफ साजिश बताया है, लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रिपोर्ट के आधार पर निष्कासन का आदेश जारी कर दिया है.

JNU समिति के गंभीर खुलासे

JNU की आंतरिक समिति ने अपनी जांच में पाया कि प्रोफेसर बिमोल अकोइजाम का व्यवहार एक शिक्षक और छात्र के पेशेवर दायरे से बाहर था. समिति ने पीड़ितों के बयानों, गवाहों की गवाही और खुद प्रोफेसर के बयानों का आकलन करने के बाद निष्कर्ष निकाला कि छात्रों के साथ यौन रूप से अनुचित व्यवहार की एक नियमित प्रवृत्ति रही है.

अश्लील सवाल और विवादित स्क्रीनिंग

आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार, अकोइजाम कक्षाओं और मौखिक परीक्षा (Viva) के दौरान छात्राओं से उनकी निजी जिंदगी, बॉयफ्रेंड और सेक्स संबंधी बेहद आपत्तिजनक सवाल पूछते थे. इसके अलावा, बिना पूर्व सूचना के कक्षा में ‘लस्ट स्टोरीज’ (Lust Stories) जैसी explicit कंटेंट वाली फिल्म दिखाई गई और ‘क्विकी’ जैसे शब्दों का अश्लील इशारों के साथ मतलब समझाया गया, जिससे पढ़ने का माहौल खराब हुआ.

देर रात वाइवा और बिना सहमति शारीरिक संपर्क

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि प्रोफेसर अकोइजाम छात्राओं को बिना सहमति छूते थे, हाथ पकड़ने के लिए दबाव बनाते थे और चुटकी काटते थे. साथ ही, पारदर्शिता का उल्लंघन करते हुए उन्होंने अपने घर पर रात के 11:40 बजे तक वाइवा आयोजित किए और पूर्व छात्रों के साथ शराब पी. समिति ने इन सभी गतिविधियों को मर्यादा के खिलाफ पाया.

नस्लीय टिप्पणी और आरोपों पर सफाई

छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर अक्सर क्षेत्रीय और नस्लीय आधार पर बिहार और बंगाल के लोगों पर अनुचित टिप्पणियां और मजाक करते थे. हालांकि, बिमोल अकोइजाम ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे अपनी छवि खराब करने के लिए रची गई ‘नस्लवादी साजिश’ करार दिया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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