प्रदर्शन से पहले दिल्ली में भारी पाबंदियों पर भड़के CJP नेता अभिजीत दीपके
Abhijeet Dipke: नई दिल्ली में आज शनिवार को होने वाले ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर बड़ा निशाना साधा. उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार देश में आपातकाल जैसे हालात पैदा कर अपने ही लोगों के खिलाफ जंग छेड़ रही है.
मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले अभिजीत दीपके ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत की. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन के जरिये वो मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग करेंगे. वहीं प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और पाबंदियों के सवाल पर दीपके ने आरोप लगाया कि परिवहन सेवाओं को बंद करना और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती सरकार के डर को दिखाती है.
उन्होंने कहा,
केंद्र सरकार डरी हुई है इसीलिए उन्होंने रेलवे, मेट्रो और सभी सड़कें बंद कर दी हैं. अगर वो देश के युवाओं और लोगों से इतना डरते हैं, तो वह प्रधानमंत्री की कुर्सी पर क्यों बैठे हैं? क्या वे लोग अपने ही देश के लोगों से जंग लड़ रहे हैं?
“नरेंद्र मोदी और अमित शाह को अपना ब्लड प्रेशर चेक करते रहना चाहिए…”- अभिजीत दीपके https://t.co/KLYFbc0kMt
— Akshay Pratap Singh (@AkshayPratap94) October 9, 2026
डरकर देश के अलग-अलग हिस्सों से बुलाये जवान
अभिजीत दीपके ने आगे आरोप लगाया कि केंद्र सरकार दिल्ली में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के जरिए प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा,
आप जम्मू-कश्मीर से सेना लेकर आए और उसे दिल्ली में तैनात कर दिया. आपने नक्सल प्रभावित इलाकों से सीआरपीएफ के जवान बुलाए और उन्हें दिल्ली में तैनात कर दिया. क्या नरेंद्र मोदी और अमित शाह अपने ही देश के लोगों के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं? क्या जिग्नेश मेवाणी आपके इतने खास हैं कि आपने अपने ही देश के लोगों के खिलाफ पुलिस और सेना तैनात कर दी? कहीं न कहीं यह नरेंद्र मोदी का डर है. मुझे नहीं पता कि जिग्नेश मेवाणी उनके लिए इतने अहम क्यों हैं कि वे अपने ही देश के लोगों के खिलाफ जंग छेड़ना चाहते हैं.
‘लोगों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है’
दीपके ने दावा किया कि अधिकारी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रहे लोगों को हिरासत में ले रहे हैं, ताकि वे प्रदर्शन में हिस्सा न ले सकें. उन्होंने कहा कि मुंबई के दूसरे इलाकों में ट्रेनों से लोगों को पकड़ा जा रहा है और उन्हें जाने नहीं दिया जा रहा. दिल्ली में सब कुछ बंद कर दिया गया है. यह डर है, सिर्फ डर है. यह नरेंद्र मोदी का डर है. उन्हें डर है कि इसके बाद देश के लोग उन्हें वोट नहीं देंगे.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए रिहायशी इलाकों में जा रही है. दीपके ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोगों का मौलिक अधिकार है.
अभिजीत दीपके ने कहा कि अपनी सत्ता बचाने के लिए वह लोगों को ट्रेनों से उठा रहे हैं और रिहायशी सोसायटियों में घोषणाएं की जा रही हैं कि कोई प्रदर्शन में न जाए. दिल्ली पुलिस लोगों के घरों में जाकर कह रही है कि कोई प्रदर्शन न करे. आखिर लोग प्रदर्शन क्यों न करें? विरोध करना हमारा मौलिक अधिकार है. संविधान का अनुच्छेद 19 हमें लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का मौलिक अधिकार देता है और हम ऐसा ही करने जा रहे हैं.
हम लड़ते रहेंगे…
जब अभिजीत दीपके से पूछा गया कि क्या उन्हें दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिए जाने का डर है, तो उन्होंने कहा कि वह गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं.
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उन्होंने कहा कि अगर वे मुझे हिरासत में लेना या गिरफ्तार करना चाहते हैं, तो ऐसा कर सकते हैं. मैं इसके लिए तैयार हूं. वे मुझे गिरफ्तार करें या हिरासत में लें, मुझे फर्क नहीं पड़ता. यूएपीए लगाना है तो लगा दें, एनएसए लगाना है तो लगा दें, लेकिन हम स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव और देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए लड़ते रहेंगे.
भारत एक्सप्रेस
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