Amitabh bachchan- bharat express
दिल्ली हाई कोर्ट ने पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मामले में अभिताभ बच्चन से कहा है कि अगर मामले को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा. जस्टिस पुरुषेन्द्र कुमार कौरव की सिंगल बेंच ने कहा कि अगर अमिताभ बच्चन एक या ज्यादा प्रतिवादियों के साथ मामला सुलझाने में असमर्थ रहते हैं और फिर कोर्ट में केस बढ़ाना चाहते है कि उन्हें कोर्ट में मौजूद रहना होगा.
हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन को कुछ प्रतिवादियों के साथ हुए आपसी समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया है कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो गया था, लेकिन अभिनेता की ओर से कुछ व्यावहारिक दिक्कतों के कारण उस पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर नहीं किए जा सकें. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि अगर समझौता नहीं होता है या समझौता अधूरा रहता है, और वादी किसी भी दावे या मुद्दे पर मुकदमा आगे बढ़ाना चाहता है, तो वादी को सुनवाई की अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना होगा.
अमिताभ बच्चन ने 2022 में हाई कोर्ट में याचिका दायर किया था. जिसपर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था अब कोई ऐसा नही कर सकेगा. अमिताभ बच्चन ने याचिका दायर कर केबीसी और लॉटरी का झांसा देकर कई लोगों पर उनकी तस्वीर और आवाज का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था. उनका कहना था कि ये उनकी सेलिब्रिटी स्टेट्स के खिलाफ है.
फर्जी खबरों पर रोक लगाने की यूट्यूब की जिम्मेदारी- दिल्ली हाई कोर्ट
ऐसे में अदालत निषेधाज्ञा जारी करें. अमिताभ बच्चन के बाद उनकी पोती और अभिषेक व ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. 20 अप्रैल 2023 को दिए निर्देश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि यूट्यूब की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह की फर्जी खबरों को तुरंत हटाए और इस पर रोक पर रोक लगाए.
कोर्ट ने गूगल और यूट्यूब चैनलों से लिखित जवाब मांगा था. कोर्ट ने गूगल से कहा था कि आईटी नियम 2021 के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए. अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन की स्वास्थ्य की स्थिति से जुड़ी यूट्यूब प्लेटफार्म पर सभी वीडियो को हटाने का निर्देश दिया था.
कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में गूगल से वीडियो को अपलोड करने वालों का विवरण के बारे में सूचित करने के लिए कहा था. कोर्ट ने यूट्यूब के वकील से कहा था कि आपके पास इन मामलों में कोई नीति क्यों नहीं है. बता दें कि हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने नहीं करने का आदेश दे चुकी है.
इससे पहले सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है. हालही में पवन कल्याण ने आरोप लगाया था कि हर कोई हिंदुओं को निशाना बना रहा है और हर मौके पर उनकी परंपराओं पर सवाल उठा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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