प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 अक्टूबर को होने वाले चेन्नई दौरे को लेकर शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. उनकी यात्रा को देखते हुए करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. सुरक्षा के लिए पांच स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है, जिसके तहत कार्यक्रम स्थलों से लेकर प्रमुख सड़कों, रेलवे स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों तक निगरानी बढ़ा दी गई है.
ग्रेटर चेन्नई पुलिस ने प्रधानमंत्री के दौरे से पहले शहर के कई अहम इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई है. इनमें चेन्नई एयरपोर्ट, पोरूर बाईपास मेट्रो रेलवे स्टेशन, आईआईटी मद्रास का कोटूरपुरम परिसर, नंदंबक्कम स्थित चेन्नई ट्रेड सेंटर और गिंडी का लोक भवन शामिल हैं. इन जगहों के आसपास भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.
चेन्नई के पुलिस आयुक्त ए. अमलराज ने वेपेरी स्थित पुलिस कमिश्नरेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में उन स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया, जहां प्रधानमंत्री के जाने की संभावना है. अधिकारियों को सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और यातायात से जुड़े इंतजामों को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए.
सड़कों पर जांच, होटलों में भी निरीक्षण
प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनजर शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की जांच बढ़ा दी गई है. पुलिस उन रास्तों पर खास नजर रख रही है, जिनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री की आवाजाही के लिए किया जा सकता है.
इसके साथ ही लॉज, गेस्ट हाउस, बड़े होटलों और अन्य ठहरने की जगहों पर भी जांच की जा रही है. पुलिस टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी संभावित खतरे को समय रहते पहचानने के लिए निरीक्षण कर रही हैं.
इस सुरक्षा अभियान में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और यातायात विभाग के कर्मचारी शामिल हैं. सशस्त्र रिजर्व बल, कमांडो और तमिलनाडु विशेष पुलिस के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है.
पांच इलाकों में ड्रोन उड़ाने पर रोक
प्रधानमंत्री के दौरे से पहले 10 अक्टूबर को पुलिस ने मीनांबक्कम, गुइंडी, कोट्टूरपुरम, पोरूर और नंदंबक्कम के आसपास के इलाकों को रेड जोन घोषित किया है. इन क्षेत्रों में प्रधानमंत्री की आवाजाही के लिए निर्धारित रास्ते भी शामिल हैं.
रेड जोन में ड्रोन कैमरे और अन्य मानवरहित हवाई उपकरण उड़ाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसका उद्देश्य आसमान से होने वाली गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और सुरक्षा से जुड़े किसी भी जोखिम को कम करना है.
रेलवे और मेट्रो स्टेशनों पर भी बढ़ाई गई सुरक्षा
सुरक्षा इंतजाम केवल प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थलों तक सीमित नहीं हैं. रेलवे स्टेशनों, मेट्रो स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है. सार्वजनिक परिवहन के प्रमुख केंद्रों और उनके आसपास पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बनी रहे.
-भारत एक्सप्रेस
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