MP में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन
MP News: मध्य प्रदेश के देवास और इंदौर में बुधवार सुबह लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) इंदौर में तैनात प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में छापेमारी की गई. सुबह करीब 6 बजे इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने कई जगहों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
जांच के दायरे में आरोपी पुलिसकर्मी के घर, फ्लैट, कृषि भूमि और अन्य अचल संपत्तियां शामिल की गई हैं.
शुरुआती जांच में सामने आई करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त की प्रारंभिक पड़ताल में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. अधिकारियों के अनुसार, फिरोज खान के पास उनकी घोषित आय की तुलना में करीब 223 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं. जांच में लगभग 6 करोड़ 26 लाख रुपये की कथित अनुपातहीन संपत्ति का पता चला है.
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त को फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जुटाने और जमीन संबंधी कारोबार में कथित हस्तक्षेप करने की शिकायत प्राप्त हुई थी. इसके बाद मामले की जांच उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान को सौंपी गई.
विस्तृत जांच के दौरान आरोपी की वित्तीय गतिविधियों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई.
आय और संपत्ति में बड़ा अंतर
लोकायुक्त की जांच में अब तक यह सामने आया है कि आरोपी की कुल वैध आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख 84 हजार रुपये आंकी गई है. वहीं, जांच एजेंसियों का दावा है कि उनके पास करीब 6 करोड़ 26 लाख 67 हजार रुपये की ऐसी संपत्ति मिली है, जिसका स्रोत आय के अनुपात में संदिग्ध माना जा रहा है.
मां और पत्नी के नाम पर निवेश की भी जांच
अधिकारियों के अनुसार, देवास स्थित मकान के अलावा इंदौर में फ्लैट, कई भूखंड और कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है. जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी की मां और पत्नी के नाम से संचालित फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन किए गए और रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश किया गया. इन सभी वित्तीय गतिविधियों की बारीकी से जांच की जा रही है.
परिचित महिला भी जांच के दायरे में
मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है. लोकायुक्त को जांच के दौरान एक महिला के नाम पर कृषि भूमि से संबंधित रजिस्टर्ड एग्रीमेंट की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि उक्त महिला पुलिसकर्मी की परिचित है.
मामले में उनकी कथित भूमिका को देखते हुए लोकायुक्त ने उन्हें भी आरोपी बनाया है और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है.
15 जगहों पर एक साथ सर्चिंग
लोकायुक्त की टीम फिलहाल देवास के 11 और इंदौर के 4 ठिकानों पर तलाशी अभियान चला रही है. इन स्थानों में मकान, फ्लैट, कृषि भूमि और व्यावसायिक प्लॉट शामिल हैं.
यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त के महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देशन में की जा रही है. वहीं, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह और इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय इस कार्रवाई की निगरानी कर रहे हैं.
जांच पूरी होने पर होंगे और खुलासे
फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और जांच एजेंसियां दस्तावेजों, संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाल रही हैं. माना जा रहा है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्ति, निवेश और आर्थिक लेन-देन से जुड़े कई अन्य अहम तथ्य भी सामने आ सकते हैं. मामले पर आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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