US School Shooting: दुनिया भर में मानवाधिकार और सुरक्षा पर ज्ञान बांटने वाला अमेरिका आज खुद अपने ही ‘गन कल्चर’ के खूनी दलदल में घुटने तक धंस चुका है. ओरेगॉन स्टेट के बेंड शहर स्थित सिल्वर रेल एलिमेंट्री स्कूल में हुई ताजा गोलीबारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अमेरिका के स्कूल अब शिक्षा के मंदिर नहीं, बल्कि गोलियों के अखाड़े बन चुके हैं.
बता दें किंडरगार्टन से 5वीं कक्षा तक के मासूम बच्चों (5 से 11 साल की उम्र) के सामने 16 साल के एक नाबालिग का पिस्टल लेकर घुस जाना और 3 मासूमों समेत 5 लोगों को भून डालना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि अमेरिका की बदहाल गन-नीति का कड़वा सच है.
नाबालिग के हाथ में कैसे आया हथियार?(US School Shooting)
अमेरिका में गन-कल्चर का कानून इतना लचर है कि वहां किसी भी किराने की दुकान या वॉलमार्ट से बंदूक खरीदना चॉकलेट खरीदने जितना आसान है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिस उम्र में बच्चे किताबें संभालते हैं, उस 16 साल के लड़के के हाथ में ऐसा घातक हथियार आया कहां से? हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले शूटर मारा जा चुका था, लेकिन इस घटना ने पूरे बेंड शहर और 450 बच्चों वाले इस स्कूल के परिजनों को जिंदगी भर का नासूर दे दिया है.
काश पटेल की FBI मौके पर पहुंची
वारदात के बाद अमेरिकी जांच एजेंसी FBI (जिसकी कमान काश पटेल संभाल रहे हैं) ने मोर्चा तो संभाल लिया है और फॉरेंसिक टीमें सुराग तलाश रही हैं. लेकिन सवाल यह है कि जांच से कब तक लाशें उठना बंद होंगी? अमेरिका के स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन (बेंड-ला पाइन स्कूल्स) गहरे सदमे में हैं, लेकिन हर नरसंहार के बाद सिर्फ ‘संवेदना’ जताने का नाटक अब पूरी दुनिया के सामने बेनकाब हो चुका है.
US में ‘गन-वायलेंस’ के खौफनाक रिकॉर्ड(US Gun Culture)
अमेरिका के इस जानलेवा गन कल्चर का इतिहास बेहद काला और शर्मनाक रहा है. प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों की मानें तो:
- अकेले साल 2024 में अमेरिका में बंदूक हिंसा से 44,447 लोगों की जान गई थी.
- इनमें से 62% मामलों में लोगों ने बंदूकों से खुदकुशी (Suicide) की और 35% मौतों का कारण सीधी हत्याएं थीं.
- अमेरिका में हर 100 में से लगभग 120 बंदूकें आम नागरिकों के पास हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है.
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-भारत एक्सप्रेस
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