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US Visa Update: 2 लाख रुपये से ज्यादा की फीस देकर भी क्यों नहीं मिलेगा समय पर H-1B वीजा और ग्रीन कार्ड? जानें अमेरिका का नया नियम

US Immigration: अमेरिका में इमिग्रेशन नियमों में बदलाव की तैयारी, प्रीमियम प्रोसेसिंग की समय-सीमा बढ़ने से भारतीय छात्रों और H1B वीजा धारकों को लगेगा झटका.

अमेरिका में प्रीमियम प्रोसेसिंग के नियमों में बदलाव की तैयारी, जिससे भारतीय पेशेवरों का इंतजार बढ़ सकता है.

(AI IMAGE)

US Immigration: अमेरिका में इमिग्रेशन प्रक्रिया को लेकर नई चुनौतियां सामने आ रही हैं. अमेरिकी सरकार ‘प्रीमियम प्रोसेसिंग’ की तय समय-सीमा (टाइमलाइन) में बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है. इस प्रस्तावित बदलाव का सीधा प्रभाव अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों, F-1 छात्रों और उन अमेरिकी कंपनियों पर पड़ेगा, जो त्वरित वीजा या वर्क परमिट प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त फीस चुकाते हैं.

अमेरिकी सरकार ‘प्रीमियम प्रोसेसिंग’ के नियमों को सख्त करते हुए इसकी समय-सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है. यदि OMB से मंजूरी मिलने के बाद यह नियम लागू होता है, तो अतिरिक्त फीस देने के बावजूद H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड (I-140) और OPT वर्क परमिट पाने में भारतीय छात्रों व पेशेवरों को अधिक देरी का सामना करना पड़ेगा.

प्रीमियम प्रोसेसिंग समय में बढ़ोतरी की योजना

ट्रंप प्रशासन ‘प्रीमियम प्रोसेसिंग’ की मौजूदा समय-सीमा में बदलाव करने जा रहा है. इससे जुड़ी एक नई नीति समीक्षा के लिए ऑफिस ऑफ मैनेजमेंट एंड बजट (OMB) के पास भेजी गई है. इस प्रस्ताव के लागू होने के बाद एक्स्ट्रा फीस देने के बावजूद H-1B वीजा, ग्रीन कार्ड और एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD/वर्क परमिट) के निपटारे में अधिक समय लग सकता है.

क्या है प्रीमियम प्रोसेसिंग फीस?

USCIS इमिग्रेशन और वीजा आवेदनों के त्वरित निपटारे के लिए आवेदकों से $1780 से $2965 के बीच अतिरिक्त शुल्क लेता है. वर्तमान व्यवस्था के तहत आवेदन की श्रेणी के अनुसार फैसले के लिए 15, 30 या 45 कार्य दिवस (Working Days) का समय तय होता है. हालांकि, प्रीमियम प्रोसेसिंग का अर्थ आवेदन की गारंटीकृत स्वीकृति नहीं होता; इसके तहत निर्धारित अवधि में USCIS आवेदन पर निर्णय लेता है, अतिरिक्त सबूत (RFE) मांग सकता है या नोटिस (NOID) जारी कर सकता है.

भारतीय पेशेवरों और छात्रों पर असर

यह प्रस्तावित नियम F-1 छात्र वीजा पर पढ़ाई कर रहे उन छात्रों के लिए चिंता का विषय है जो ‘ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग’ (OPT) पर काम करना चाहते हैं. इसके अलावा H-1B, L-1, O-1 वीजा धारकों (फॉर्म I-129) तथा एम्प्लॉयमेंट-बेस्ड ग्रीन कार्ड (फॉर्म I-140) की कतार में लगे हजारों भारतीय प्रोफेशनल्स को अब त्वरित प्रक्रियाओं के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.

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-भारत एक्सप्रेस



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