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EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं (Employers) को बड़ी राहत देते हुए सितंबर महीने का इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-रिटर्न (ECR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को बढ़ा दिया है. पहले यह सीमा 15 अक्टूबर थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया है. वेतन सीमा में हुए हालिया बदलाव के कारण यह फैसला लिया गया है.
EPFO ने वेतन सीमा में 15,000 रुपये से 25,000 रुपये की बढ़ोतरी के बाद सितंबर महीने के पीएफ रिटर्न (ECR) दाखिल करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है. बीच महीने में हुए बदलाव की वजह से दो अलग-अलग अवधियों का हिसाब लगाने के लिए नियोक्ताओं को यह अतिरिक्त समय दिया गया है.
नियोक्ताओं को मिला अतिरिक्त समय
EPF, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-लिंक्ड बीमा (EDLI) के तहत कंपनियों को हर महीने कर्मचारियों के वेतन और पीएफ अंशदान का ब्योरा ECR के माध्यम से जमा करना होता है. डेडलाइन 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिए जाने से नियोक्ताओं को कागजी और तकनीकी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया है.
क्यों बढ़ानी पड़ी डेडलाइन?
17 सितंबर को सरकार ने पीएफ के लिए अनिवार्य वेतन सीमा (Wage Ceiling) को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया था. महीने के बीच में यह बदलाव लागू होने के कारण नियोक्ताओं को सितंबर महीने का पीएफ हिसाब दो अलग-अलग अवधियों (17 सितंबर से पहले और बाद) के अनुसार तैयार करना पड़ रहा है. इसी गणना को सुचारू बनाने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है.
नियोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
EPFO ने कंपनियों को सलाह दी है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना कर्मचारियों के वेतन और पीएफ योगदान का सही मिलान कर लें. रिटर्न में किसी भी प्रकार की गलती होने पर संशोधन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है, इसलिए जमा करने से पहले सभी रिकॉर्ड की अच्छी तरह जांच कर लेना फायदेमंद रहेगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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