उत्तर प्रदेश में अंत्योदय और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के सर्वांगीण विकास के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार निरंतर और समर्पित भाव से कार्य कर रही है. भुखमरी और कुपोषण को समाप्त कर हर नागरिक के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के संकल्प का ही नतीजा है कि प्रदेश का सार्वजनिक वितरण तंत्र आज देश के सबसे विश्वसनीय मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है.
खाद्य एवं रसद विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, प्रदेशभर में कुल 3,67,52,818 कार्डधारक परिवारों के 14,71,04,181 लाभार्थियों तक नियमित और पारदर्शी रूप से खाद्यान्न पहुंचाया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संवेदनशील विजन के चलते बिना किसी जाति, वर्ग या क्षेत्रीय भेदभाव के राशन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे करोड़ों वंचित परिवारों को सुरक्षा और आत्मसम्मान दोनों प्राप्त हुए हैं.
जन-जन तक सरकारी गारंटी पहुंचाने में अव्वल
प्रदेश के सभी 18 प्रशासनिक मंडलों में लखनऊ मंडल खाद्यान्न सुरक्षा के कुशल क्रियान्वयन में शीर्ष स्थान पर उभरा है. मंडल के छह जनपदों में कुल 45,24,479 राशन कार्ड धारक परिवारों के 1,72,13,915 सदस्यों को पोषण सुरक्षा का सीधा और नियमित लाभ मिल रहा है. मंडल के प्रमुख जिलों के आंकड़े इस प्रकार हैं.
- सीतापुर: 9,25,642 राशन कार्डधारक और 34,66,349 लाभार्थी
- लखीमपुर खीरी: 8,67,320 राशन कार्डधारक और 31,20,657 लाभार्थी
- हरदोई: 8,00,618 राशन कार्डधारक और 31,06,086 लाभार्थी
- लखनऊ: 7,56,120 राशन कार्डधारक और 30,23,717 लाभार्थी
- उन्नाव: 6,14,246 राशन कार्डधारक और 23,11,523 लाभार्थी
- रायबरेली: 5,60,533 राशन कार्डधारक और 21,85,583 लाभार्थी
ईमानदारी से खुला हक का ताला
खाद्य सुरक्षा की इस व्यवस्था को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए सरकार ने ई-पॉस (e-POS) मशीनों और बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य किया है, जिससे बिचौलियों का खेल पूरी तरह समाप्त हो गया है. अब हर पात्र व्यक्ति को उसका पूरा और सटीक राशन मिल रहा है. यह व्यवस्था न केवल गरीबों के लिए पेट भरने का जरिया बनी है, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव भी बन चुकी है.
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उत्तर प्रदेश सरकार की यह पारदर्शी और संवेदनशील राशन वितरण व्यवस्था समाज के सबसे कमजोर तबकों के लिए एक मजबूत आर्थिक और पोषण सुरक्षा कवच साबित हो रही है. लखनऊ मंडल का इस दिशा में अव्वल आना और प्रदेशभर में करोड़ों लोगों तक खाद्यान्न की सुगम पहुंच इस बात का प्रमाण है कि सुशासन और तकनीकी का सही उपयोग किस प्रकार आम आदमी के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है.
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