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PM Modi Navratri Fast Diet:सिर्फ नींबू पानी या कुछ और…,पीएम मोदी व्रत में क्या खाते हैं?

PM Modi Navratri Fast Diet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 4 दशकों से भी अधिक समय से (लगभग 47 साल) हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि में पूरे 9 दिनों का कठिन व्रत रखते आ रहे हैं. इस उपवास के दौरान उनकी ऊर्जा और कड़ा रूटीन हमेशा चर्चा का विषय रहता है.

Prime Minister Narendra Modi during Navratri Fast and Prayers

पीएम मोदी व्रत में क्या खाते हैं? (इमेज-ANI)

PM Modi Navratri Fast Diet: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 4 दशकों से भी अधिक समय से (लगभग 47 साल) हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि में पूरे 9 दिनों का कठिन व्रत रखते आ रहे हैं. इस उपवास के दौरान उनकी ऊर्जा और कड़ा रूटीन हमेशा चर्चा का विषय रहता है. सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि वह सिर्फ नींबू पानी पर रहते हैं, लेकिन अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन को दिए इंटरव्यू में PM Modi ने अपने नवरात्रि व्रत (Navratri Vrat Rules) के असली नियमों का खुलासा किया है.

पीएम मोदी की नवरात्रि डाइट का क्या है सच? (Navratri Vrat Rules)

इंटरनेशनल पॉडकास्ट होस्ट लेक्स फ्रिडमैन को दिए इंटरव्यू में PM Modi ने अपने नवरात्रि व्रत (Navratri Vrat Rules) के व्यक्तिगत नियमों का खुलासा किया था.

शारदीय नवरात्रि (Autumn Navratri)के दौरान पीएम मोदी का उपवास सबसे कठिन होता है. वे पूरे 9 दिनों तक अन्न का सेवन नहीं करते और सिर्फ गर्म पानी का सेवन करते हैं.

चैत्र नवरात्रि (Spring Navratri)के समय उनका नियम बदलता है. वे 9 दिनों तक दिन में केवल एक बार सिर्फ एक ही फल (Mono Fruit) खाते हैं. उदाहरण के लिए, अगर वे पपीता खाना शुरू करते हैं, तो पूरे नौ दिन सिर्फ पपीता ही खाते हैं.

ये है उनकी एनर्जी का सीक्रेट

76 साल की उम्र में भी इस Modi Lifestyle को बनाए रखते हुए पीएम मोदी देश-विदेश के दौरों, रैलियों और मैराथन बैठकों में सामान्य दिनों की तरह ही हिस्सा लेते हैं. उनके अनुसार, समय के साथ उनका शरीर इस लाइफस्टाइल में पूरी तरह ढल चुका है. उपवास के दौरान उनकी स्वाद और सूंघने की इंद्रियां बहुत ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं.

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यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार से लंबे समय के उपवास हर किसी के शरीर के लिए सही नहीं होते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बिना डॉक्टरी सलाह के अचानक कड़े उपवास या केवल पानी पर रहने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी और कमजोरी हो सकती है. सामान्य तौर पर किसी भी प्रकार के बड़े आहार परिवर्तन या उपवास को शुरू करने से पहले एक प्रमाणित स्वास्थ्य विशेषज्ञ या डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है.

-भारत एक्सप्रेस



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