Amit Shah Birthday: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार, 22 अक्टूबर को 62 वर्ष के हो गए. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक साधारण कार्यकर्ता से लेकर देश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शुमार होने तक, उनका राजनीतिक सफर जमीनी संगठन, चुनावी रणनीतियों और देश के ऐतिहासिक नीतिगत निर्णयों से भरा रहा है.
अमित शाह ने 62वें जन्मदिन पर एक ऐसे सफर को पीछे छोड़ा है जो जमीनी संगठन से शुरू होकर देश के गृह मंत्रालय तक पहुंचा है. बीजेपी अध्यक्ष के रूप में पार्टी का विस्तार करने और गृह मंत्री के तौर पर अनुच्छेद 370 हटाने व नए आपराधिक कानून लागू करने जैसे ऐतिहासिक फैसलों में उनका नेतृत्व बेहद महत्वपूर्ण रहा है.
शुरुआती जीवन और राजनीतिक करियर का आगाज
अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को मुंबई में हुआ. उन्होंने गुजरात यूनिवर्सिटी से बायोकेमिस्ट्री की पढ़ाई की. किशोरावस्था में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जरिए छात्र राजनीति में कदम रखा. वर्ष 1987 में वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए और 1989 में अहमदाबाद में संगठन का काम संभाला, जहां से एक कुशल रणनीतिकार के रूप में उनकी पहचान बनी.
गुजरात की राजनीति और राष्ट्रीय पटल पर उदय
1997 में सरखेज विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर अमित शाह ने चुनावी राजनीति में प्रवेश किया. इसके बाद 2002 से गुजरात सरकार में गृह सहित कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली. यहाँ उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ काम किया. 2013 में उन्हें बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव बनाकर उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया, जहाँ 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को मिली ऐतिहासिक जीत ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई.
बीजेपी अध्यक्ष के रूप में संगठन का विस्तार
जुलाई 2014 में अमित शाह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. उनके कार्यकाल के दौरान पार्टी ने देश के कई राज्यों में अपनी सरकार बनाई और 2019 के लोकसभा चुनाव में लगातार दूसरी बार प्रचंड बहुमत हासिल किया. शाह ने बीजेपी के सदस्यता अभियान और सांगठनिक ढांचे को बेहद मजबूत किया, जिससे वे पार्टी के इतिहास के सबसे सफल अध्यक्षों में से एक गिने गए.
गृह मंत्री के रूप में ऐतिहासिक नीतिगत फैसले
2019 में गृह मंत्री का पद संभालने के बाद अमित शाह ने कई ऐतिहासिक निर्णय लिए. अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को समाप्त कर जम्मू-कश्मीर का पुनर्गठन करना और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) 2019 को लागू कराना उनके प्रमुख फैसलों में शामिल है. 1 जुलाई 2024 को उन्होंने सदियों पुराने औपनिवेशिक कानूनों की जगह तीन नए आपराधिक कानून लागू कराए. इसके अलावा देश की आंतरिक सुरक्षा, नक्सलवाद पर नियंत्रण और नशामुक्त भारत अभियान में उनकी अहम भूमिका रही है.
सहकारिता मंत्रालय का प्रभार और नेताओं की शुभकामनाएं
जुलाई 2021 में अमित शाह देश के पहले सहकारिता मंत्री बने, जिसका उद्देश्य ‘सहकार से समृद्धि’ के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है. उनके 62वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी प्रशासनिक समझ और आंतरिक सुरक्षा में दिए योगदान की सराहना करते हुए दीर्घायु की कामना की. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें कुशल रणनीतिकार और संगठन का मजबूत आधार बताया.
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-भारत एक्सप्रेस
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