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दिल्ली में प्रदूषण का वार: DMRC का बड़ा कदम, आज से दिल्ली मेट्रो लगाएगी 20 अतिरिक्त फेरे

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और GRAP-1 की पाबंदियों के बीच DMRC ने यात्रियों की सुविधा और ट्रैफिक कम करने के लिए शुक्रवार से रोजाना 20 अतिरिक्त मेट्रो फेरे चलाने का फैसला किया है. इसके साथ ही, धूल नियंत्रण के लिए एंटी-स्मॉग गन और कड़े उपाय भी लागू किए गए हैं.

Delhi Metro Update

आज से दिल्ली मेट्रो लगाएगी 20 अतिरिक्त फेरे

Delhi Metro Update: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है, जिससे लोगों का सांस लेना तक दूभर होने लगा है. इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 (GRAP-1) के नियम लागू कर दिए गए हैं. ऐसे में प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए अब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC भी पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है ताकि लोग निजी गाड़ियों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें.

मेट्रो के फेरे बढ़े, सड़कों पर घटेगा ट्रैफिक

दैनिक यात्रियों को सुविधा देने और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने के लिए DMRC ने एक बड़ा फैसला लिया है. कल यानी शुक्रवार (22 अक्टूबर 2026) से वर्किंग डेज यानी सोमवार से शुक्रवार के बीच हर दिन मेट्रो के 20 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) बढ़ाए जाएंगे. इसका सीधा फायदा यह होगा कि लोगों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और वे अपनी कार या बाइक के बजाय मेट्रो से सफर करना पसंद करेंगे, जिससे सड़कों पर निकलने वाले धुएं में भी कमी आएगी.

धूल रोकने के लिए एंटी-स्मॉग गन

सिर्फ ट्रेनें बढ़ाने तक ही बात सीमित नहीं है, बल्कि मेट्रो प्रशासन ने धूल-मिट्टी पर लगाम कसने के लिए जमीन पर भी पूरी तैयारी कर ली है. DMRC ने अपने निर्माण स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और दफ्तरों के आसपास 250 से ज्यादा एंटी-स्मॉग गन तैनात की हैं, जो हवा में उड़ने वाले बारीक धूल कणों को नीचे बिठाने का काम कर रही हैं. इसके अलावा, मेट्रो के दायरे में आने वाली करीब 31 किलोमीटर लंबी खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत भी कराई जा चुकी है ताकि गाड़ियों के गुजरने पर धूल न उड़े.

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कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कड़ी नजर

प्रदूषण नियंत्रण नियमों का कड़ाई से पालन हो सके, इसके लिए DMRC के इंजीनियर और पर्यावरण विभाग की टीमें लगातार औचक निरीक्षण कर रही हैं. निर्माण स्थलों पर रखे गए सीमेंट और रेत जैसे सामान को तिरपाल से पूरी तरह ढकना अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही, साइट से बाहर निकलने वाले हर वाहन के टायरों को पानी से धोने के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है. इसके अलावा मेट्रो परिसरों के पास मौजूद डिवाइडरों और फुटपाथों से मिट्टी और कचरे को हटाने का अभियान भी युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है ताकि राजधानी की हवा को साफ रखने में हरसंभव योगदान दिया जा सके.



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