तिब्बत-चीन में 7.0 तीव्रता का भूकंप
तिब्बत और चीन के कई इलाकों में गुरुवार रात तेज भूकंप आने से लोगों में दहशत फैल गई. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार रात लगभग 8:03 बजे 7.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र धरती की सतह से करीब 173 किलोमीटर की गहराई में स्थित था. यह क्षेत्र पहले भी प्राकृतिक आपदाओं की वजह से चर्चा में रहा है. इसी इलाके में ग्लेशियर फटने की घटनाओं के बाद तिब्बत और नेपाल में विनाशकारी बाढ़ आई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी.
ग्लेशियर पिघलने से बढ़ रही चिंता
विशेषज्ञों और चीनी शोधकर्ताओं का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण छिंगहाई-तिब्बत पठार पर मौजूद ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. इससे भविष्य में भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है. यह इलाका पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है. बढ़ते तापमान का असर यहां के प्राकृतिक संतुलन पर साफ दिखाई देने लगा है, जिसको लेकर वैज्ञानिक लगातार चेतावनी देते रहे हैं.
कई महत्वपूर्ण नदियों का उद्गम स्थल
छिंगहाई-तिब्बत पठार को एशिया के सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों में गिना जाता है. ब्रह्मपुत्र समेत कई प्रमुख नदियां यहीं से निकलती हैं और कई देशों से होकर गुजरती हैं. ऐसे में इस क्षेत्र में होने वाले पर्यावरणीय बदलाव केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि निचले इलाकों और दूसरे देशों में रहने वाली आबादी को भी प्रभावित कर सकते हैं.
थोड़े अंतराल में आए तीन भूकंप
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, पहला और सबसे शक्तिशाली झटका रात 8:03 बजे तिब्बत में महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 7.0 थी. इसके करीब 27 मिनट बाद रात 8:30 बजे चीन में 5.2 तीव्रता का दूसरा भूकंप दर्ज किया गया. इसके बाद 8:42 बजे तिब्बत में तीसरा झटका महसूस हुआ, जिसकी तीव्रता 5.0 मापी गई.
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फिलहाल नुकसान की सूचना नहीं
लगातार आए इन तीन भूकंपों के झटके तिब्बत और चीन के व्यापक क्षेत्रों में महसूस किए गए. हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार अब तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित इलाकों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है. लगातार आए झटकों के कारण लोगों में एहतियात बरतने की सलाह भी दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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