Yogi Government Mass Marriage Scheme: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना’ गरीबों और जरूरतमंद परिवारों के लिए किसी बड़े वरदान से कम साबित नहीं हो रही है. अपनी बेटियों के हाथ पीले करने की चिंता में डूबे मां-बाप के लिए यह योजना बेहद मददगार साबित हुई है, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वित्तीय वर्ष में इसके लिए 1.16 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन किए हैं. सरकार ने इस बार कुल 72,540 जोड़ों की शादी कराने का बड़ा लक्ष्य तय किया है, जिसमें से अब तक 28,833 जोड़ों का ब्याह धूमधाम से संपन्न भी कराया जा चुका है.
पारदर्शिता पर जोर
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह के मुताबिक, इस साल मिले कुल 1,16,668 आवेदनों में से अब तक 34,845 आवेदन मंजूर किए जा चुके हैं, जबकि छानबीन के दौरान 11,679 आवेदन अपात्र पाए जाने पर खारिज कर दिए गए हैं. बाकी बचे आवेदनों की जांच का काम भी तेजी से चल रहा है. सरकार की कोशिश है कि बिचौलियों या फर्जीवाड़े को पूरी तरह रोककर सिर्फ और सिर्फ असली और जरूरतमंद परिवारों तक ही इस सरकारी मदद का पूरा फायदा पहुंचे. इसके लिए पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है.
एक लाख रुपये की आर्थिक मदद
इस लोकप्रिय योजना के तहत हर एक जोड़े की शादी पर सरकार कुल 1 लाख रुपये खर्च करती है. इसमें से 64,000 रुपये सीधे कन्या के बैंक खाते में भेजे जाते हैं ताकि वे अपनी नई गृहस्थी अच्छे से बसा सकें. इसके अलावा, 21,000 रुपये की जरूरी वैवाहिक उपहार सामग्री दी जाती है और बाकी के 15,000 रुपये बारात व टेंट जैसी शादी की व्यवस्थाओं पर खर्च होते हैं.
खास बात यह है कि गड़बड़ी रोकने के लिए ई-केवाईसी, डिजिटल आय-जाति प्रमाण पत्र और आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करने की आधुनिक व्यवस्था की गई है, जिससे गरीब परिवारों को बिना किसी परेशानी के सीधा लाभ मिल सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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