भारत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
UNGA Meeting: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की तीसरी समिति में एक बार फिर भारत और पाकिस्तान आमने-सामने आ गए. मौका था अल्पसंख्यक मुद्दों पर स्पेशल रैपोर्टियर के साथ चल रही बैठक का, जहां पाकिस्तान ने अपनी पुरानी आदत से बाज न आते हुए एक बार फिर कश्मीर का राग अलापना शुरू कर दिया. हालांकि, भारत की तरफ से मोर्चा संभालते हुए भारतीय स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने पाकिस्तान को ऐसा करारा जवाब दिया कि उसकी बोलती बंद हो गई. भारत ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया कि पाकिस्तान अपना प्रोपेगैंडा बंद करे और अपने कब्जे वाले अवैध इलाके को फौरन खाली करे.
भारत ने बताया अपनी संस्कृति का सच
बैठक के दौरान जब अल्पसंख्यक मुद्दों पर चर्चा हो रही थी, तो भारतीय राजनयिक रघु पुरी ने बड़े ही दमदार तरीके से देश का पक्ष रखा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना किसी भी देश का अपना संप्रभु कर्तव्य होता है. भारत की असली ताकत उसकी अनोखी और विविधता से भरी सांस्कृतिक विरासत है, जो हमारे संविधान में साफ झलकती है.
उन्होंने गर्व के साथ यह भी बताया कि देश के अल्पसंख्यकों ने भारत की तरक्की और विकास में हमेशा से बहुत बड़ा योगदान दिया है. आज वे सरकार से लेकर देश के तमाम बड़े संस्थानों में उच्च पदों पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं, जो हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी खूबी है.
ये भी पढ़ें- जिंदा रहने की खौफनाक जिद: सैनिक ने खुद काटा सड़ चुका पैर, 8 महीने बाद ड्रोन ने ऐसे बचाई जान
पाकिस्तान को खरी-खोटी
बातचीत के दौरान जैसे ही पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने इस मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ झूठा दुष्प्रचार फैलाने के लिए किया, भारत ने उस पर पलटवार करने में बिल्कुल देर नहीं लगाई. रघु पुरी ने पाकिस्तान को आइना दिखाते हुए साफ-साफ कह दिया कि जम्मू-कश्मीर भारत का हमेशा से एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा.
भारत ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह फौरन उस इलाके को खाली करे जिस पर उसने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है. भारतीय राजनयिक ने बहुत ही सख्त लहजे में पाकिस्तान को सलाह दी कि वह अपनी फौज के इशारों पर बेमतलब का प्रोपेगैंडा चलाने और दुनिया का ध्यान भटकाने के बजाय, अपने गिरेबान में झांके. पाकिस्तान को अपनी जनता की बदहाली और उनके कल्याण पर ध्यान देना चाहिए, ना कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोना रोना चाहिए.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.






