Rouse Avenue Court
आपराधिक मानहानि मामले में बीजेपी नेता करनैल सिंह को झटका लगा है. राऊज एवेन्यु कोर्ट ने करनैल सिंह द्वारा दायर रिवीजन पिटीशन को खारिज कर दिया है. करनैल सिंह ने मजिस्ट्रेट द्वारा लिए गए स्वतः संज्ञान को सेंशन कोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि करनैल सिंह पर लगाए गए आरोपी आधारहीन नही है और केस चलाने के लिए पर्याप्त है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सत्येंद्र जैन से पूछा था कि भाजपा नेता करनैल सिंह के खिलाफ उनकी मानहानि का मुकदमा विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में कैसे चल सकता है. जबकि वह आरोपी नहीं बल्कि शिकायतकर्ता है. जैन के वकील ने कहा था कि दिल्ली हाई कोर्ट का एक निर्णय है कि यदि कोई पूर्व विधायक किसी मामले में शिकायतकर्ता है तो वह विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट में शिकायतकर्ता दर्ज करा सकता है.
करनैल सिंह के आरोपों को सत्येंद्र जैन ने बताया बेबुनियाद
सत्येंद्र जैन के मुताबिक, करनैल सिंह ने आरोप लगाया है कि ईडी ने उनके घर से 37 किलो सोना बरामद किया, उनके नाम पर 1100 एकड़ जमीन है और उन्होंने भ्र्ष्टाचार करके संपत्ति बनाई है. साथ ही करनैल सिंह ने कथित तौर पर यह भी कहा कि जैन ने भारी मनी लॉन्ड्रिंग की, वह भू-माफिया हैं और उन्हें फिर से जेल भेजा जाएगा. जैन ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है.
उन्होंने कहा है कि बीजेपी उनके खिलाफ झूठी बातें बताकर उनकी छवि को खराब कर रही हैं.
सत्येंद्र जैन ने वकील रजत भारद्वाज के जरिए यह याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित आरोपी ने बयान दिया है कि जैन ने भ्र्ष्टाचार करके अपनी संपत्ति बनाई है और जो पैसा जनता पर खर्च किया जाना था, वह उसने अपने नाम कर लिया है. यह भी आरोप लगाया गया है कि कथित आरोपी ने झूठा बयान दिया है.
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