अमृतसर पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध इथेनॉल से भरा ट्रक पकड़ा
Illegal Ethanol Seizure: पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की तरफ से नशे और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ छेड़ी गई विशेष मुहिम के तहत अमृतसर देहाती पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है. आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है और संवेदनशील स्थानों पर नाकाबंदी बढ़ा दी गई है. इसी सतर्कता के चलते पुलिस ने ब्यास नाके पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोककर भारी मात्रा में इथेनॉल (अवैध शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल) बरामद किया है.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसएसपी देहाती कंवलप्रीत सिंह चाहल ने बताया कि यह देहाती पुलिस के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी में से एक है. एसएसपी ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डीजीपी गौरव यादव के दिशा-निर्देशों पर नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली थी. इसके बाद एसपी (डी) रमनदीप, डीएसपी बाबा बकाला सुखपाल, डीएसपी (डी) गुरिंदर नागरा, सीआईए स्टाफ इंचार्ज मनमीत और एसएचओ ब्यास मुख्तियार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीमों का गठन किया गया.
ऐसे हुए गिरफ्तार
ब्यास स्थित हाईटेक नाके पर जब चेकिंग की जा रही थी, तब हरियाणा की तरफ से आ रहे एक ट्रक (नंबर PB 65 AU 3421) को रोका गया. ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें से करीब 30 लाख 80 हजार मिलीलीटर इथेनॉल बरामद किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आबकारी विभाग (Excise Department) के अधिकारियों व इंस्पेक्टर को तुरंत मौके पर बुलाया गया. सभी कानूनी नियमों का पालन करते हुए थाना ब्यास में आबकारी अधिनियम (Excise Act) के तहत एफआईआर नंबर 336/26 दर्ज की गई.
एसएसपी चाहल ने बताया कि इस केमिकल से करीब 17,000 बोतलें अवैध व जहरीली शराब की तैयार की जा सकती थीं. यह शराब त्योहारी सीजन, विशेषकर दिवाली के दिनों में गांवों के गरीब व दिहाड़ी-मजदूर वर्ग को सस्ते दामों पर बेची जानी थी.

कई निर्दोष लोगों की जा चुकी है जान
एसएसपी ने अतीत की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2020 और हाल के वर्षों में जहरीली शराब पीने से कई निर्दोष लोगों की जान चली गई थी और कई पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई भी हुई थी. इस बार अगर यह केमिकल गांवों तक पहुंच जाता, तो अनियंत्रित मात्रा और गलत मिश्रण के कारण यह घातक जहर बन सकता था और त्योहार के समय एक बड़ा त्रासद हादसा घट सकता था. समय रहते इस खेप को पकड़कर पुलिस ने एक बड़ा मानवीय नुकसान टलने से बचा लिया है.
पूछताछ में सामने आया है कि इस नेटवर्क के मुख्य सरगना जितेंदर (निवासी मत्तेवाल) और राजू (निवासी गोल्डन गेट, अमृतसर) हैं. पुलिस ने फिलहाल दो व्यक्तियों- राजविंदर सिंह और एक नाबालिग को हिरासत में लिया है, जो खुद नशे के आदी बताए जा रहे हैं. जितेंदर इन्हें प्रति चक्कर 4,000 रुपये देकर हरियाणा के करनाल क्षेत्र से यह केमिकल मंगवाता था.
मुख्य आरोपी पर पहले से हैं केस दर्ज
आरोपियों के पास क्रेटा, इनोवा और फॉर्च्यूनर जैसी गाड़ियां भी हैं, जिनका इस्तेमाल वे नाकों की रेकी करने और ट्रकों को पायलट करने के लिए करते थे. मुख्य आरोपी जितेंदर पर पहले भी एनडीपीएस और आबकारी कानून के तहत मामले दर्ज हैं.
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एसएसपी ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार आरोपियों का रिमांड लेकर पूरे सिंडिकेट की कड़ियां खंगाली जा रही हैं. मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें छापामारी कर रही हैं और जल्द ही इस अवैध कारोबार की पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश किया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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