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कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कथित मामा और खुद को वकील बताने वाले दीपक खत्री की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने फर्जी वकालत की डिग्री और गैंगस्टर्स के नेटवर्क से साठगांठ के गंभीर आरोपों में घिरे दीपक खत्री को जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है. इससे पहले दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि जिस वकालत की डिग्री के दम पर दीपक खत्री रंगदारी और अवैध वसूली का काला कारोबार चला रहा था, वह पूरी तरह फर्जी थी.
फर्जी डिग्री, हथियार और IGI एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने दीपक खत्री के खिलाफ पहले ही लुकआउट सर्कुलर जारी कर रखा था. विदेश भागने की फिराक में लगे खत्री को पुलिस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. जांच के दौरान खत्री की निशानदेही पर उसके सहयोगी ऋषभ कपूर को भी दबोचा गया, जिसके कब्जे से एक ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 कारतूस बरामद किए गए.
यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है, जिसका मास्टरमाइंड शाहबाज अंसारी बताया जाता है. इस बड़े सिंडिकेट में अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस ने इनके पास से 32 विदेशी हथियार, दो मशीन गन और 363 कारतूस जब्त किए हैं.
लॉरेंस की मां से बंधवाई राखी
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में सामने आया कि दीपक खत्री 2021 में पहली बार लॉरेंस बिश्नोई से मिला था, जब उसे पुलिस कस्टडी में दिल्ली लाया गया था. धीरे-धीरे वह बिश्नोई परिवार के बेहद करीब आ गया. लॉरेंस की मां से राखी बंधवाने के बाद गैंग के तमाम गुर्गे उसे ‘मामा’ कहकर बुलाने लगे थे.
खत्री न केवल लॉरेंस बल्कि पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया, काला जठेड़ी और काला राणा जैसे खूंखार अपराधियों को कानूनी मदद और अन्य सहूलियतें मुहैया कराता था. जग्गू भगवानपुरिया का परिवार जब भी दिल्ली आता, खत्री से जरूर मुलाकात करता था. पुलिस अब बिश्नोई गैंग के इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट और संदेशों के लेन-देन के पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालने में जुटी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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