Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

JDU Internal Crisis: ललन पर ‘नरम’ तो बीजेपी पर ‘गरम’! JDU में लानत-मलानत थमी तो अब NDA में क्यों मचा हड़कंप?

JDU Internal Crisis: जदयू में ललन सिंह विवाद पर ब्रेक लग गया है, लेकिन एमएलसी चुनाव में हार के बाद सहयोगी बीजेपी पर भीतरघात के आरोपों से एनडीए की राजनीति गरमा गई है.

जदयू में ललन सिंह को लेकर चल रहा विवाद अब शांत हो गया है। वहीं, एमएलसी चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतरघात के आरोपों से एनडीए में नई हलचल शुरू हो गई है.

JDU Internal Crisis: बिहार की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रहा उथल-पुथल का दौर अब नए मोड़ पर आ गया है. जहां एक तरफ जदयू के भीतर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को लेकर तनातनी कम होती दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ एमएलसी चुनाव में हार और भीतरघात के मुद्दों ने एनडीए गठबंधन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

जदयू में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के खिलाफ उठे बगावती सुर अब शांत होते नजर आ रहे हैं, क्योंकि संजय झा और नीरज कुमार ने उनके सम्मान में बयान दिए हैं. हालांकि, एम एल सी चुनाव में हार और भीतरघात को लेकर जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर द्वारा बीजेपी पर उठाए गए सवालों ने एनडीए गठबंधन के भीतर नया राजनीतिक भूचाल ला दिया है, जिस पर 5 नवंबर की समीक्षा बैठक में मंथन होना है.

जदयू में थमा घमासान: ललन सिंह के खिलाफ तने तीर हुए वापस

जदयू के भीतर पिछले कुछ दिनों से चल रहा हाई-वोल्टेज ड्रामा अब थमता नजर आ रहा है. अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई के बाद उपजे विवाद की लपटें केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तक पहुंच गई थीं, लेकिन इसके साइड इफेक्ट्स सामने आते ही पार्टी में इमरजेंसी ब्रेक लग गया. ललन सिंह के विरोध में उतरे सुर अचानक नरम पड़ गए हैं और बखेड़ा शांत होता दिख रहा है.

संजय झा की दखल और नीरज कुमार के बदले सुर

पार्टी के भीतर संजय झा और ललन सिंह के बीच खींचतान की चर्चाओं के बीच कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने स्थिति को संभाला और ललन सिंह को पार्टी का वरिष्ठ व आदरणीय नेता बताया. इसके बाद, जो नीरज कुमार कभी ललन सिंह के खिलाफ आक्रामक तेवर दिखा रहे थे, उन्हें भी अपने सुर बदलने पड़े. नीरज कुमार ने भी स्वीकार किया कि ललन सिंह पार्टी के वरिष्ठतम नेता हैं और उनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता.

MLC चुनाव में हार और भीतरघात का नया बखेड़ा

5 नवंबर को होने वाली जदयू की समीक्षा बैठक से पहले पार्टी के भीतर हार को लेकर घमासान मचा हुआ है. तिरहुत स्नातक सीट से हारे अभिषेक झा और जदयू सांसद देवेश चंद्र ठाकुर के बयानों ने एनडीए में अंदरखाने खलबली मचा दी है. देवेश चंद्र ठाकुर ने सहयोगी दल (बीजेपी) के नेताओं पर भीतरघात और साफ दिल न होने का गंभीर आरोप लगाया है, जिस पर बीजेपी विधायकों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है.

क्या एनडीए गठबंधन में भी पड़ेगी फूट?

जदयू के आंतरिक विवाद के बाद अब यह मामला एनडीए गठबंधन के भीतर खींचतान का रूप लेता जा रहा है. सवाल यह उठ रहा है कि क्या अनंत सिंह और नीरज कुमार के मामलों में उलझने के कारण जदयू सही चुनावी प्रबंधन नहीं कर पाई? अगर जदयू नेता अपनी हार का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ेंगे, तो इससे आपसी समन्वय बिगड़ सकता है, जो आने वाले समय में गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है.

यह भी पढ़ें-बिहार में बड़ा सियासी बवंडर, दो निर्दलीय MLC के बीजेपी में शामिल होते ही भड़के तेजस्वी, कहा- संविधान का उड़ रहा मजाक

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital