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Ramlila Maidan Rally: अंगुलिमाल डाकू का भेष और 4 हजार जवानों का पहरा! चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की महारैली

Ramlila Maidan Rally: ऐतिहासिक रामलीला मैदान में ‘INDIA’ गठबंधन के बैनर तले देश के प्रमुख विपक्षी दल एक मंच पर आकर अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं. इस शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत गठबंधन के करीब 19 राजनीतिक दलों के दिग्गजों का जमावड़ा लगा है.

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नाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की महारैली, किला बना रामलीला मैदान

Ramlila Maidan Rally: राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़े सियासी घमासान का गवाह बन रहा है. रविवार को ‘INDIA’ गठबंधन के बैनर तले देश के प्रमुख विपक्षी दल एक मंच पर आकर अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं. ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के बुलंद नारे के साथ आयोजित इस महारैली के केंद्र में चुनावी अनियमितताएं, मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग है.

इस शक्ति प्रदर्शन में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत गठबंधन के करीब 19 राजनीतिक दलों के दिग्गजों का जमावड़ा लगा है. नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा बड़ी संख्या में छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी रैली में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है.

खरगे के आवास पर जुटे दिग्गज

रैली की औपचारिक शुरुआत से पहले सुबह से ही विपक्षी नेताओं का कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के 10 राजाजी मार्ग स्थित आवास पर पहुंचना शुरू हो गया था. तय रणनीति के मुताबिक, यहां जुटे तमाम वरिष्ठ नेता खुली बसों में सवार होकर मार्च के शुरुआती पॉइंट के लिए रवाना होंगे. दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला जाना तय है. इसके ठीक बाद मैदान में मुख्य जनसभा होगी, जिसका समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रखा गया है.

चुनाव आयोग पर सीधा निशाना

कांग्रेस अध्यक्ष के आवास पर सुबह से ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज रहीं. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू, वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और जाने-माने वकील व कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी समेत कई बड़े चेहरे इस बैठक का हिस्सा बनने पहुंचे. विपक्षी खेमे का कहना है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों और पूरी चुनावी प्रक्रिया को लेकर वे सरकार और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करेंगे और इनसे सीधे जवाब मांगेंगे. रैली का सबसे बड़ा एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग पर अड़ा है.

आर-पार के मूड में विपक्ष

इस प्रदर्शन को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि आज पूरा विपक्ष एकजुट होकर अपनी ताकत दिखा रहा है. यह सिर्फ एक दिन का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि जब तक हमें इस लड़ाई में कामयाबी नहीं मिल जाती, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं.”

वहीं, कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी कड़े तेवर दिखाते हुए दावा किया कि आज रामलीला मैदान की यह भीड़ तय कर देगी कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद से जाना ही होगा. साफ है कि विपक्ष इस पूरे प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग पर चौतरफा दबाव बनाने और ‘SIR’ के मुद्दे को एक बड़ा राष्ट्रीय विमर्श बनाने की कोशिश में है.

अंगुलिमाल डाकू के भेष में पहुंचे छात्र

रैली के दौरान विरोध दर्ज कराने का एक बेहद अनोखा तरीका भी देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. NSUI के कुछ कार्यकर्ता अंगुलिमाल डाकू की वेशभूषा धारण करके रामलीला मैदान पहुंचे. वे इसी रूप में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की तख्तियां लेकर नारेबाजी कर रहे थे.

चप्पे-चप्पे पर पुलिस और ड्रोन की नजर

विपक्ष के इस भारी जमावड़े को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के बेहद कड़े और व्यापक प्रबंध किए हैं. मार्च के पूरे रूट से लेकर रामलीला मैदान के भीतर और बाहर 4 हजार से ज्यादा दिल्ली पुलिस के जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की कई कंपनियां मुस्तैद की गई हैं.

सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पूरे रामलीला मैदान को 14 अलग-अलग जोन में डिवाइड किया गया है. हर एक जोन की कमान सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है. सुरक्षा तंत्र को डिजिटल रूप से मजबूत करने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, हाई-टेक ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्र्न कैमरों से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है. मैदान परिसर में ही एक आधुनिक कंट्रोल रूम भी एक्टिव किया गया है.

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इस महाआयोजन में जुटने वाली भीड़ को लेकर आयोजकों ने दावा किया है कि रामलीला मैदान में करीब 10 लाख लोग पहुंच सकते हैं. जबकि दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा इनपुट्स के आधार पर लगभग 50 हजार लोगों के जुटने की संभावना जताई है.

-भारत एक्सप्रेस



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