राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक रामलीला मैदान एक बार फिर बड़ी राजनीतिक हलचल का गवाह बना. 1 नवंबर को ‘इंडिया’ ब्लॉक द्वारा आयोजित महारैली में विपक्षी दलों के दिग्गजों ने हुंकार भरी. इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव प्रणाली में कथित धांधली को लेकर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर तीखे हमले किए गए. जनसैलाब को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार को आड़े हाथों लिया और दावा किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में बीजेपी का पूरी तरह सफाया होना तय है.
‘औसतन 31 हजार वोट कम’
अखिलेश यादव ने अपने भाषण की शुरुआत उत्तर प्रदेश के हालिया घटनाक्रम से की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमारे हिंदू भाइयों के करीब 1 करोड़ 27 लाख वोट काट दिए गए हैं. अगर 403 विधानसभा सीटों के हिसाब से हिसाब लगाया जाए, तो हर सीट पर औसतन 31 हजार वोट कम हुए हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी अपनी आने वाली हार को देखकर पहले से ही बहाने तलाश रही है और इसका ठीकरा दूसरों के सिर फोड़ना चाहती है.
अखिलेश ने कहा कि जो लोग खुद को ‘अंगद का पैर’ बताते थे, आज उनके पास पैर रखने तक की जमीन नहीं बची है. काशी की जनता ने तो डबल इंजन का दावा करने वालों को ‘डबल जीरो’ थमा दिया है. पहले इन्हें यूपी में ‘डबल हार’ मिली और अब जनता इनका असली चेहरा पहचान चुकी है.
‘वोट चोरी के सहारे चुनाव जीतना चाहती है बीजेपी’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी जनता के बीच अपनी पकड़ खो चुकी है, इसीलिए वह वोट चोरी और धांधली के हथकंडे अपना रही है. 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सपा समर्थकों के नाम वोटर लिस्ट से योजनाबद्ध तरीके से हटाए गए थे. जब हमारी पार्टी ने सबूतों और हलफनामे के साथ चुनाव आयोग से शिकायत की, तब भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
उन्होंने रामपुर उपचुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पुलिस प्रशासन के दम पर लोगों को डराने और वोट डालने से रोकने की कोशिश की गई, लेकिन माताओं-बहनों ने पुलिस के दबाव के आगे झुके बिना डटकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.
‘लोकतंत्र की हल्दी घाटी बना रामलीला मैदान’
रामलीला मैदान के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने इसे ‘लोकतंत्र की हल्दी घाटी’ करार दिया. उन्होंने कहा कि यह वही मैदान है जहां से देश में कई बार नया इतिहास लिखा गया है. उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यूपी की जनता जिस तरह दिल खोलकर स्वागत करना जानती है, उससे कहीं बेहतर तरीके से विदाई भी करती है. लोकसभा चुनाव में तो आधी विदाई हुई थी, लेकिन 2027 में ऐसी ऐतिहासिक विदाई होगी कि ये लोग फिर कभी लौटकर नहीं आ पाएंगे.
बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा कि राम जी के दरबार में पापियों का नाश तय है. जिन्होंने धर्म के नाम पर चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी की है, उनका राजनीतिक सर्वनाश निश्चित है. देश का युवा अब एक-एक लाठी और जख्म का हिसाब लेने के लिए पूरी तरह तैयार बैठा है.
तेजस्वी यादव ने भी स्वतंत्रता सेनानियों का दिया हवाला
रैली में मौजूद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने भी बीजेपी और आरएसएस पर जमकर हमला बोला. तेजस्वी ने कहा कि जिन लोगों ने देश की आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं दिया, वे आज दूसरों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं. आज यही लोग तय करने लगे हैं कि कौन वोट देगा और कौन नहीं. उन्होंने देश के नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि यह लड़ाई असली वोटरों और वोट चोरों के बीच की है, जिसे जीतने के लिए संविधान की रक्षा करना बेहद जरूरी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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