Amit Shah Target Rahul Gandhi: इंडिया गठबंधन की दिल्ली रैली के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस की दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई रैली के जवाब में भाजपा राजधानी दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल से लेकर हैदराबाद तक ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत ताबड़तोड़ पदयात्राएं निकाल रही है.
इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को हैदराबाद में एक विशाल पदयात्रा निकाली और जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी तथा राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा.
‘दिल्ली में घुसपैठिया बचाओ रैली थी’ (Amit Shah Hyderabad rally)
अमित शाह ने दिल्ली में हुई विपक्षी रैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे इसे ‘वोट बचाओ रैली’ कहते हैं, लेकिन असल में यह ‘घुसपैठिया बचाओ रैली’ थी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ‘एसआईआर’ (SIR) को रोककर देश की मतदाता सूची में बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाना चाहती है. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को जितना जोर लगाना है लगा लें, भाजपा देश और मतदाता सूची से एक-एक घुसपैठिए को बाहर निकालकर ही दम लेगी.
मतदाताओं के फर्जी आंकड़ों पर क्या बोले?
राहुल गांधी के इस आरोप पर कि एसआईआर के नाम पर 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं, गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सरासर झूठ है. उन्होंने इन 13 करोड़ वोटों का गणित समझाते हुए बताया कि इनमें से सवा छह करोड़ लोग दूसरी जगह रहने चले गए हैं (क्या किसी को दो जगह वोट देने का अधिकार है?); 2.8 करोड़ लोग ऐसे हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है; एक करोड़ वोट डुप्लीकेट एंट्री वाले हैं; और करीब 3 करोड़ वोट ऐसे हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं, यानी वे बांग्लादेशी घुसपैठियों के फर्जी वोट हैं.
हैदराबाद का इतिहास की चर्चा
अपने संबोधन की शुरुआत में गृह मंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि अगर सरदार वल्लभभाई पटेल उस वक्त निजाम को न झुकाते, तो हैदराबाद आज स्वतंत्र भारत का हिस्सा नहीं बन पाता.
राहुल गांधी की ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर तंज
राहुल गांधी द्वारा हाल ही में की गई ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा, “मुझसे अगर पूछा होता तो मैं कहता कि नकली पार्लियामेंट में आप विपक्ष के नेता बने बिना ही सीधे प्रधानमंत्री बन जाओ, क्योंकि असली पार्लियामेंट में राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान तो रखते हैं लेकिन उसका सम्मान नहीं करते और संसद नहीं चलने देते.
ईवीएम और चुनावी जीत-हार पर गरजे
विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम (EVM) पर सवाल उठाए जाने पर अमित शाह ने चुनौती भरे लहजे में पूछा कि अगर ईवीएम खराब थी, तो तेलंगाना में रेवंत रेड्डी मुख्यमंत्री कैसे बन गए और केरल, तमिलनाडु व हिमाचल प्रदेश में उनकी सरकारें कैसे आ गईं? उन्होंने कहा कि जब वे चुनाव जीतते हैं तो जनता की जीत बताते हैं और हारते हैं तो ईवीएम को दोष देते हैं.
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भाग्य लक्ष्मी मंदिर में की पूजा (Amit Shah In Bhagya Lakshmi temple Hyderabad)
हैदराबाद पहुंचने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सबसे पहले ऐतिहासिक भाग्य लक्ष्मी मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की. इसके बाद उन्होंने निजाम कॉलेज ग्राउंड से इस भव्य पदयात्रा की शुरुआत की. यह पूरी पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा फैलाए जा रहे कथित भ्रम और आरोपों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भाजपा के देशव्यापी अभियान का हिस्सा है.
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