सरदार पटेल जयंती पर राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश
देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री, लौह पुरुष और भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में एक भव्य राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. भारत भारती दिल्ली की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम पश्चिमी दिल्ली के पंजाबी बाग स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज में संपन्न हुआ. इस आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के विचार को मजबूत करना था.
1200 से अधिक लोगों ने दिखाई देश की एकता
इस विशेष आयोजन में दिल्ली में रह रहे विभिन्न राज्यों के 1200 से अधिक लोगों ने भाग लिया. खास बात यह रही कि प्रतिभागी अपने-अपने राज्यों की पारंपरिक वेशभूषा पहनकर कार्यक्रम में पहुंचे. इसके अलावा दिल्ली में निवास कर रहे 40 पूर्व सैनिकों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. विविध संस्कृतियों और परंपराओं से सजे इस कार्यक्रम ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया.
दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम के साथ हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन के साथ किया गया. इसके बाद राष्ट्रभक्ति के माहौल के बीच राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का सामूहिक गायन हुआ. समारोह में एनसीसी कैडेट्स ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर सम्मान व्यक्त किया. मंच पर मौजूद सभी विशिष्ट अतिथियों का स्वागत माला, शॉल और स्मृति चिह्न देकर किया गया.
सरदार पटेल के विचार आज भी देश का मार्गदर्शन कर रहे हैं
अपने संबोधन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के लिए राष्ट्रीय एकता केवल रियासतों के विलय तक सीमित नहीं थी. उनका दृष्टिकोण इससे कहीं व्यापक था, जिसमें सामाजिक सौहार्द, समानता और पारस्परिक सम्मान को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने समाज को धर्म, जाति और अन्य भेदभावों से ऊपर उठकर एक भारतीय पहचान के सूत्र में बांधने का प्रयास किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि सरदार पटेल के विचार आज भी केंद्र सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प में स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं. उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत आधार देने में सरदार पटेल की भूमिका ऐतिहासिक रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने दिलाई नई पहचान
रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि लंबे समय तक सरदार पटेल के योगदान को वह सम्मान नहीं मिला जिसके वे वास्तविक हकदार थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, राष्ट्रीय एकता दिवस और कई राष्ट्रवादी कार्यक्रमों के माध्यम से सरदार पटेल की विरासत को नई पहचान मिली है. उन्होंने कहा कि “सरदार पटेल का सम्मान वास्तव में भारत का सम्मान है.” राजनाथ सिंह के अनुसार, सरदार पटेल ने हमेशा राष्ट्रहित को व्यक्तिगत पद और राजनीतिक शक्ति से ऊपर रखा और यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी.
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का उल्लेख
अपने संबोधन के दौरान रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान और रक्षा उत्पादन में देश की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ-साथ निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. आज देश केवल अपनी सैन्य आवश्यकताओं की पूर्ति ही नहीं कर रहा, बल्कि 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात भी कर रहा है. यह भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता और तकनीकी मजबूती का प्रमाण है.
लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता पर भी रखी बात
देश के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकारें जनता के विश्वास और जनादेश से बनती हैं. उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन की इच्छा रखना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा और अव्यवस्था के माध्यम से ऐसा संभव नहीं हो सकता. उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने का प्रयास करते हैं, उन्हें सरदार पटेल का इतिहास और राष्ट्रहित में उनकी भूमिका को याद रखना चाहिए. उनके अनुसार देशहित सर्वोपरि होना चाहिए.
कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद
इस राष्ट्रीय आयोजन में भारत भारती के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष विनय भाई पत्रले, आरएसएस दिल्ली प्रांत के संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल, पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत, विधायक और दिल्ली भारत भारती के अध्यक्ष कैलाश गंगवाल, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री जगन्नाथ कुंज बिहारी सहित अनेक प्रमुख हस्तियां मंच पर मौजूद रहीं. कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक कैलाश गंगवाल ने की. वहीं भारत भारती के वरिष्ठ पदाधिकारियों में उत्तर भारत प्रभारी मोहम्मद इरफान अहमद और धारा सिंह ने मंच संचालन की जिम्मेदारी निभाई. श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला कॉलेज की प्राचार्य डॉ. नीलम गोयल, भारत भारती दिल्ली की टीम और दिल्ली सरकार के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे.
राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव पर विशेष चर्चा
इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न समुदायों के कलाकारों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. युवाओं के लिए एक विशेष संवाद सत्र भी रखा गया, जिसमें उन्हें राष्ट्रीय विकास, नागरिक दायित्व और देश के प्रति जिम्मेदारियों को लेकर अपने विचार रखने का अवसर मिला. इस चर्चा में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को लेकर भी विचार साझा किए.
राष्ट्रगान और सामूहिक भोज के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
दिनभर चले इस भव्य कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ किया गया. आयोजन को सफल बनाने में दिल्ली सरकार के पर्यटन मंत्रालय और संस्कृति विभाग ने भी सहयोग दिया. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी प्रतिभागियों ने एक साथ सामूहिक भोज का आनंद लिया और राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक सद्भाव का संदेश लेकर अपने-अपने घरों को लौटे.
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-भारत एक्सप्रेस
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