नई दिल्ली: आज के दौर में जब हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की होड़ लगी है, ऐसे में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों का महत्व पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है. इसी सोच को युवाओं तक पहुंचाने के उद्देश्य से सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया और दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज ने संयुक्त रूप से सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जीवन के हर क्षेत्र में सत्यनिष्ठा अपनाने और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित करना था.
कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ रखी गई. इसमें बैंक अधिकारियों, शिक्षाविदों और विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसी भी संस्थान या समाज की वास्तविक तरक्की केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उसके लोगों के आचरण, ईमानदारी और जवाबदेही से तय होती है.
ईमानदारी ही किसी संस्थान की सबसे बड़ी ताकत- सुनील कुमार
कार्यक्रम में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी संस्थान की सबसे बड़ी पूंजी उसकी सत्यनिष्ठा होती है. जब कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही रहती है, तभी आम लोगों का भरोसा कायम होता है.
उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि जीवन में सफलता हासिल करना जरूरी है, लेकिन इस सफलता की राह में अपने सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों से समझौता नहीं होना चाहिए. उनके मुताबिक, युवाओं को अभी से अपने व्यवहार और फैसलों में ईमानदारी को जगह देनी चाहिए, क्योंकि यही आदत आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और करियर की मजबूत नींव बनती है.
शिक्षा का उद्देश्य अच्छे नागरिक बनाना भी है
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर रामजस कॉलेज की चेयरमैन और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की प्रोफेसर प्रो. (डॉ.) मंजु मुकुल मौजूद रहीं. उन्होंने कहा कि शिक्षा का मतलब केवल डिग्री हासिल करना या किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं है. इसका असली उद्देश्य ऐसे नागरिक तैयार करना भी है, जो समाज के प्रति संवेदनशील हों और अपने कर्तव्यों को समझते हों.
उन्होंने साहित्य, शिक्षा और आपसी संवाद की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि इनके माध्यम से समाज में ईमानदारी, मानवीय संवेदनाओं और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सकती है.
वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गुरमोहिंदर सिंह ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच नैतिकता और सत्यनिष्ठा जैसे विषयों पर चर्चा होना बेहद जरूरी है. युवा पीढ़ी ही आने वाले समय में देश के विभिन्न संस्थानों और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेगी. ऐसे में उनके भीतर सही मूल्यों का विकास करना समय की जरूरत है.
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता रही. इसमें कॉलेज के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने विचारों के माध्यम से बताया कि व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र तक ईमानदारी क्यों जरूरी है.
प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में जाने-माने पत्रकार और लेखक तथा भारत एक्सप्रेस के संपादकीय सलाहकार विशाल तिवारी और दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सुनील वर्मा शामिल रहे. निर्णायकों ने विद्यार्थियों के विचारों, विषय की समझ और बोलने के तरीके के आधार पर उनके प्रदर्शन का आकलन किया.
कार्यक्रम में सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया के अंचल प्रमुख तरसेम सिंह जीरा, उप महाप्रबंधक (सतर्कता) एन.के. पंडा और क्षेत्रीय प्रमुख रणधीर सिंह भी उपस्थित रहे. पूरे आयोजन का समन्वय कॉलेज की प्रो. स्मिता मिश्रा और डॉ. अमरेंद्र पाण्डेय ने किया.
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई. इसके बाद सभी अतिथियों और प्रतिभागियों ने सत्यनिष्ठा की प्रतिज्ञा ली. इस दौरान उन्होंने अपने निजी और पेशेवर जीवन में ईमानदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों का पालन करने का संकल्प लिया. अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
यह भी पढ़ें-उत्तराखंड में नदी में समाई इनोवा कार, चार लोगों की मौत, बाकी की तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


