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देवास में छात्रों ने प्रशासन को बनाया ‘भैंस’, पीठ पर पोस्टर चिपका कर सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश के देवास में ABVP कार्यकर्ताओं ने फीस वृद्धि और अव्यवस्थाओं के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया. छात्रों ने कलेक्ट्रेट में भैंस को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की उदासीनता पर तंज कसा.

ABVP Protest Dewas due to College Fee Hike

मध्य प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का एक बेहद अनोखा और दिलचस्प नजारा देखने को मिला है. अपनी मांगों की अनदेखी से नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्र नेताओं ने देवास कलेक्ट्रेट में ‘प्रशासन’ के प्रतीक के रूप में एक भैंस को खड़ा कर दिया और उसे ही अपना ज्ञापन सौंपा. छात्रों का कहना है कि जब जिम्मेदार अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहे, तो यह प्रदर्शन ‘भैंस के आगे बीन बजाने’ जैसी स्थिति को दर्शाता है.

कलेक्टर भी रह गए दंग

सिविल लाइंस स्थित पूनमचंद्र गुप्ता कॉलेज में अव्यवस्थाओं और फीस वृद्धि के खिलाफ छात्र पिछले काफी समय से आक्रोशित हैं. गुरुवार को नगर मंत्री दीपांशु पटेल, हर्ष वर्मा और अजय बंजारे के नेतृत्व में छात्र एक भैंस को लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गए.

जब कलेक्टर ऋषव गुप्ता अपने कार्यालय पहुंचे, तो पोर्च के नीचे भैंस को देखकर हर कोई हैरान रह गया. छात्रों ने भैंस की पीठ पर ‘प्रशासन’ का प्रतीकात्मक पोस्टर चस्पा किया और वहीं नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का पत्र सौंपा. इस नजारे को देखने के लिए कलेक्ट्रेट के कर्मचारी भी बाहर निकल आए.

4 बार दे चुके हैं ज्ञापन, अब भैंस ही सहारा

प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं का दर्द है कि पिछले तीन महीनों में वे प्रशासन को चार बार लिखित में शिकायत दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

छात्रों की दलील: “जब अधिकारी सुन ही नहीं रहे, तो हमें लगा कि 5वीं बार भैंस को ही ज्ञापन दे देना चाहिए, शायद प्रशासन की नींद अब टूटे.” वहीं, छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज परिसर स्थित कैंटीन में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों का भंडारण किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों की जान को खतरा है. वहां कैंटीन के नाम पर निजी होटल चलाया जा रहा है.

ABVP की प्रमुख मांगें

छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन के सामने निम्नलिखित 7 सूत्रीय मांगें रखी हैं:

  • फीस पर लगाम: कॉलेज द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि को तुरंत रोका जाए.
  • शिक्षकों की नियुक्ति: शासन के मापदंडों के अनुसार योग्य शिक्षकों को रखा जाए.
  • लैब और सुरक्षा: कॉलेज में लैब की उचित व्यवस्था हो और महिला सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती की जाए.
  • सफाई और जांच: टॉयलेट की नियमित सफाई हो और निजी रेस्टोरेंट के नाम पर चल रही कैंटीन की निष्पक्ष जांच हो.
  • डिग्री का स्पष्टीकरण: कॉलेज खुद को बीएड कॉलेज बताता है जबकि वह डिग्री कॉलेज है, इस भ्रम को दूर किया जाए.

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-भारत एक्सप्रेस



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