आज के समय में जहां शहरों का किराया आसमान छू रहा है और लोग अपनी सैलरी का आधा हिस्सा सिर्फ छत के लिए खर्च कर देते हैं, वहीं अमेरिका के टेनेसी से एक बेहद दिलचस्प कहानी सामने आई है. यह कहानी है 22 साल के एक युवक सेठ की, जिसने महंगे घर और भारी-भरकम किराए को ‘बाय-बाय’ कहकर एक ऐसी जिंदगी चुनी, जिसकी कल्पना शायद हम और आप सिर्फ फिल्मों में करते हैं. सेठ ने अपने पुराने ट्रक को ही एक चलता-फिरता छोटा सा घर (Tiny Home) बना लिया है.
ढाई लाख में तैयार किया अपना ‘महल’
सेठ ने करीब 3,000 डॉलर (भारतीय मुद्रा में लगभग 2.5 लाख रुपये) खर्च करके अपने पुराने पिकअप ट्रक के पिछले हिस्से को एक आरामदायक कमरे में तब्दील कर दिया. लकड़ी और प्लाईवुड की मदद से उसने ट्रक के बेड को इस तरह डिजाइन किया कि वहां सोने, सामान रखने और आराम करने की पूरी व्यवस्था हो गई. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, सेठ अब अपने प्यारे कुत्ते ‘स्टेला’ के साथ इसी ट्रक में रहते हुए पूरे देश की सैर कर रहे हैं.
आराम नहीं, ‘आजादी’ है पहली पसंद
सेठ का कहना है कि करीब एक साल पहले उन्होंने तय किया था कि वह अपनी जिंदगी के कीमती साल किसी बंद ऑफिस या महंगे अपार्टमेंट की ईएमआई भरने में बर्बाद नहीं करेंगे. उनके लिए एक बड़े घर के आराम से ज्यादा ‘आजादी’ मायने रखती है. हालांकि, यह सफर इतना आसान भी नहीं था. कुछ समय बाद उनके पुराने ट्रक का इंजन खराब हो गया, जिसके बाद उन्हें अपना वो छोटा सा घर बेचना पड़ा. लेकिन सेठ का इरादा पक्का था; उन्होंने दूसरा ट्रक खरीदा, उस पर कैंपर लगाया और फिर से निकल पड़े अपनी मंजिल की ओर.
भयंकर बारिश और भालू का सामना
सेठ आज भी उस पहली रात को याद करते हैं जब वह ट्रक के अंदर लेटे थे और ऊपर गिरती बारिश की आवाज सुन रहे थे. वह पल घबराहट भरा भी था और रोमांचक भी. लेकिन इस खानाबदोश जिंदगी में सिर्फ सुकून ही नहीं, खतरे भी हैं. सेठ बताते हैं कि एक बार अलास्का की यात्रा के दौरान एक जंगली भालू उनके कैंपर के बिल्कुल करीब आ गया था. वह पल रूह कंपा देने वाला था, लेकिन सेठ के मुताबिक, ऐसे ही अनुभव जिंदगी को यादगार बनाते हैं.
क्या है आगे का प्लान?
फिलहाल सेठ अपनी इस ‘ट्रक वाली जिंदगी’ के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, जिन्हें लाखों लोग पसंद कर रहे हैं. वह जल्द ही अपनी एक डिजिटल कुकबुक भी लाने वाले हैं. उनका सपना है कि एक दिन वह अपनी खुद की जमीन खरीदकर वहां एक छोटा सा लकड़ी का केबिन बनाएंगे. लेकिन तब तक, वह अपनी स्टेला के साथ कभी समुद्र किनारे सूर्योदय देखते हैं, तो कभी पहाड़ों के बीच अपना खाना खुद बनाते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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