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डेढ़ लाख की कार, पार्किंग का बिल 13 लाख! शख्स के फैसले ने सोशल मीडिया पर छेड़ी बहस

दिल्ली एयरपोर्ट की पार्किंग में 9 साल से खड़ी एक टाटा सफारी को उसका मालिक 13 लाख रुपये का बिल चुकाकर छुड़ा ले गया. कार की कीमत महज 1.5 लाख रुपये आंकी जा रही है, लेकिन मालिक के इस कदम ने सबको हैरान कर दिया है.

13 Lakh Parking Bill for 1.5 Lakh Car Viral Video of Safari Owner at Delhi Airport

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी खबरें आती हैं जो हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं. ठीक ऐसी ही एक खबर सामने आई है. जरा सोचिए की आपकी कार की कीमत महज डेढ़-दो लाख रुपये हो, लेकिन उसे छुड़ाने के लिए आपको पार्किंग बिल भरना पड़े, जो कार की कीमत से कई गुना ज्यादा हो. आप शायद कार वहीं छोड़ देंगे, लेकिन दिल्ली के एक शख्स ने जो किया, उसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है.

9 साल बाद याद आई अपनी पुरानी ‘सफारी’

वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि एक शख्स करीब 9 साल बाद दिल्ली एयरपोर्ट (Delhi Airport) के पार्किंग एरिया में अपनी खड़ी कार लेने पहुंचा. यह कार कोई लग्जरी बीएमडब्ल्यू या मर्सिडीज नहीं, बल्कि एक पुरानी टाटा सफारी थी. वीडियो में देखा जा सकता है कि कार ठीक उसी जगह खड़ी थी, जहां मालिक उसे सालों पहले छोड़कर गया था. धूल की परतों से ढकी इस गाड़ी को देखकर कोई भी कह देता कि इसे अब कबाड़ में जाना चाहिए, लेकिन इसके मालिक के इरादे कुछ और ही थे.

बिल देखकर नेटिजन्स के उड़े होश

सबसे चौंकाने वाली बात रही पार्किंग का बिल. शख्स ने वीडियो में बताया कि 9 साल तक एयरपोर्ट की पार्किंग में खड़े रहने के कारण उसका बिल करीब 13 लाख रुपये के आसपास पहुंच गया. जहाँ कार की मार्केट वैल्यू आज की तारीख में बमुश्किल डेढ़ लाख रुपये होगी, वहीं 13 लाख का बिल चुकाना किसी के भी गले नहीं उतर रहा.

 

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लेकिन वह शख्स बिल्कुल भी परेशान नहीं दिखा. उसने खुशी-खुशी यह भारी भरकम रकम चुकाई और अपनी कार की चाबी घुमाकर उसे पार्किंग से बाहर निकालने की तैयारी कर ली.

‘इतने में तो नई सफारी आ जाती!’

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, कमेंट्स की बाढ़ आ गई. लोगों का कहना है कि यह ‘अमीरियत’ है या फिर कार के साथ कोई गहरा भावनात्मक लगाव. कई यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि भाई, “इतने में तो टाटा की एकदम नई कार आ जाती, फिर पुरानी कबाड़ हो चुकी गाड़ी पर इतना पैसा क्यों बर्बाद किया?” वहीं कुछ लोग इसे केवल चर्चा बटोरने का एक जरिया भी मान रहे हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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