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रील लाइफ जैसा रियल ड्रामा! गिरफ्तारी से बचने के लिए तालाब में कूदा चोर, 5 घंटे तक इस जुगाड़ से लेता रहा सांस

मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक अपराधी और पुलिस के बीच लुका-छिपी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है. खुद को बचाने के लिए चोर तालाब के पानी के अंदर घंटों छिपा रहा. आरोपी पर कई राज्यों में 21 से ज्यादा मामले दर्ज हैं और वह पहले 70 लाख के हीरे भी उड़ा चुका है.

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Ajab Gajab News: मध्य प्रदेश के जबलपुर से अपराध और चालाकी की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसे सुनकर आप दांतों तले उंगली दबा लेंगे. यह पूरा वाकया किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है. दरअसल, रीवा-इतवारी एक्सप्रेस में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश कर रहे एक शातिर चोर का जब पुलिस ने पीछा किया, तो उसने बचने के लिए पास के एक तालाब में छलांग लगा दी. लेकिन असली ड्रामा तो इसके बाद शुरू हुआ. खुद को पुलिस की नजरों से बचाने के लिए यह अपराधी करीब 5 घंटे तक पानी के भीतर ही छिपा रहा.

सांस लेने के लिए लगाया ‘देसी जुगाड़’

पानी के अंदर इतने लंबे समय तक टिके रहने के लिए उसने जो तरीका अपनाया, उसने पुलिसकर्मियों को भी हैरान कर दिया. आरोपी ने तालाब में उगे कमल के डंठल को तोड़कर उसे एक पाइप की तरह इस्तेमाल किया और उसी के सहारे पानी के नीचे रहकर सांस लेता रहा. पुलिस और गोताखोरों की टीम काफी देर तक उसे तलाशती रही, लेकिन जब तालाब में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तब जाकर इस ‘अनोखे जुगाड़’ की पोल खुली और पुलिस ने उसे बाहर निकालकर दबोच लिया.

पुराना आपराधिक इतिहास

पकड़े जाने के बाद भी इस शातिर अपराधी की हेकड़ी कम नहीं हुई. उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपना नाम और पता गलत बताया, लेकिन आरपीएफ की कड़ाई के आगे उसका झूठ ज्यादा देर टिक नहीं पाया. जांच में पता चला कि आरोपी का नाम हरविंदर सिंह है और वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है.

बता दें कि हरविंदर कोई छोटा-मोटा चोर नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी है, जिस पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे राज्यों में 21 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं.

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70 लाख के हीरे उड़ाने वाला ‘हाईटेक’ चोर

हरविंदर की हिस्ट्री खंगालने पर पता चला कि साल 2017 में उसने विशाखापट्टनम में एक ट्रेन से करीब 70 लाख रुपये के हीरे चोरी किए थे. उसका भाई भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहा है और फिलहाल जेल में बंद है. दिलचस्प बात यह है कि हरविंदर CCTV और डिजिटल सर्विलांस से बचने के लिए अब ट्रेनों में रिजर्वेशन कराकर सफर नहीं करता था, ताकि उसका कोई रिकॉर्ड न रहे.

हालांकि, जबलपुर आरपीएफ की सूझबूझ ने उसकी सारी प्लानिंग पर पानी फेर दिया. तालाब के ठंडे पानी में घंटों बिताने और ‘कमल के डंठल’ वाला दिमाग लगाने के बावजूद वह कानून के शिकंजे से बच नहीं पाया. फिलहाल पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से ट्रेनों में होने वाली कई अन्य बड़ी चोरियों का खुलासा हो सकेगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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