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Mummified Cat: ब्रिटेन के चर्च की दीवार से मिली बिल्ली की ममी, सालों से राजा की आत्मा की रखवाली कर रही थी ‘रक्षक बिल्ली’

ब्रिटेन के ऐतिहासिक वॉल्थम एबे चर्च में तब सनसनी मच गई जब दीवारों से एक ममी बनी बिल्ली मिली. कहा जा रहा है कि यह वही चर्च है जहां इंग्लैंड के आखिरी एंग्लो-सैक्सन राजा हेरोल्ड गॉडविनसन को दफनाया गया था. माना जाता है कि यह बिल्ली राजा की आत्मा को बुरे साए से बचाने के लिए दीवार में दफन की गई थी.

Mummified Cat, Britain Church

Mummified Cat: इतिहास से जुड़ी खोजें अक्सर लोगों को हैरान कर देती हैं. कुछ ऐसा ही हुआ ब्रिटेन में, जब एक प्राचीन चर्च की दीवार तोड़ी गई और उसके अंदर से एक ममी बनी हुई बिल्ली निकली. इस खोज ने पुरातत्वविदों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया आखिर एक धार्मिक स्थल की दीवार में बिल्ली क्यों दफनाई गई थी?

राजा की आत्मा की रखवाली करती थी बिल्ली

यह घटना ब्रिटेन के वॉल्थम एबे चर्च (Waltham Abbey Church) की है, जो देश के सबसे ऐतिहासिक चर्चों में से एक माना जाता है. यहीं इंग्लैंड के आखिरी एंग्लो-सैक्सन राजा, किंग हेरोल्ड गॉडविनसन (King Harold Godwinson) की कब्र भी मौजूद है. इतिहासकारों का कहना है कि हेरोल्ड 1066 में हुई प्रसिद्ध बैटल ऑफ हेस्टिंग्स (Battle of Hastings) में मारे गए थे और उन्हें इसी चर्च में दफनाया गया था.

अब जब दीवार में से यह ममी बनी बिल्ली मिली, तो माना जाने लगा कि यह शायद राजा की आत्मा की रखवाली कर रही थी. पुराने समय में यह विश्वास था कि बिल्लियां बुरी आत्माओं, चुड़ैलों और काले जादू से रक्षा करती हैं. लोग अपने घरों या खलिहानों की दीवारों में बिल्लियों को बंद कर देते थे ताकि वे बुरे साये को दूर रख सकें. लेकिन किसी चर्च की दीवार में ऐसा किया जाना बेहद दुर्लभ है, और यही बात इस खोज को रहस्यमय बना देती है.

म्यूजियम की ऑडिट में खुला रहस्य

यह ममी बनी बिल्ली अचानक उस वक्त सामने आई, जब एपिंग फॉरेस्ट डिस्ट्रिक्ट म्यूजियम (Epping Forest District Museum) में पुरानी वस्तुओं की ऑडिट की जा रही थी. इसके बारे में बताया गया कि जब वहां एक पुराना बॉक्स खोला गया और उसके अंदर ममी बनी बिल्ली दिखी तो वहां मौजूद लोग सन्न रह गए.

म्यूजियम के दस्तावेज बताते हैं कि यह बिल्ली वॉल्थम एबे चर्च की दीवारों के अंदर से निकाली गई थी. आगे बताया गया कि यह बिल्ली की मम्मी देखने में सचमुच डरावनी लगती है. यह सोचकर ही अजीब लगता है कि किसी ने चर्च की दीवारों में बिल्ली क्यों बंद कर दी होगी.

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इतिहासकारों के लिए पहेली

इतिहासकारों का कहना है कि यह खोज ब्रिटिश परंपराओं और पुराने धार्मिक विश्वासों की झलक दिखाती है. कभी-कभी लोग बुरी आत्माओं को भगाने या आत्माओं की रक्षा के लिए ऐसे अंधविश्वासी तरीके अपनाते थे. लेकिन इस मामले में “रक्षक बिल्ली” का चर्च की दीवार में होना कई सवाल खड़े करता है क्या यह किसी राजा की आत्मा की सुरक्षा के लिए था या फिर किसी प्राचीन अनुष्ठान का हिस्सा?

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-भारत एक्सप्रेस



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