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‘बनना था कलेक्टर, बन गया डॉक्टर! UPSC एस्पिरेंट ने क्यों काटा अपना प्राइवेट पार्ट?

Prayagraj News:  प्रयागराज में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां UPSC की तैयारी कर रहे एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट काट लिया. आइये जानें क्या है पूरा मामला?

Prayagraj UPSC Aspirant Cut Private Part

यूपीएससी एस्पिरेंट ने प्राइवेट पार्ट काटा

Prayagraj News: कहते हैं कि सपनों की नगरी में कोई भी आकर अपनी किस्मत बदल सकता है, लेकिन प्रयागराज में एक ऐसे युवक की कहानी सामने आई है, जिसने अपना सपना ही बदल दिया. IAS ऑफिसर बनने का सपना देखने वाले युवक ने खुद को ऐसे दर्दनाक इम्तिहान में झोंक दिया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता. लड़की बनने की चाहत में बिना किसी अनुभव के खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर अपने शरीर के खिलवाड़ किया जिससे पूरा परिवार सदमे में है. मामला प्रयागराज का है जहां UPSC एस्पिरेंट ने खुद का प्राइवेट पार्ट काट डाला. आइये जानें क्या है पूरा मामला?

प्रयागराज में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने खुद का प्राइवेट पार्ट काट (Gender change in Prayagraj) लिया. युवक ने बताया कि वह जेंडर चेंज कर लड़की बनना चाहता है और इसके लिए उसने खुद एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया और सर्जिकल ब्लेड से यह कदम उठाया.

क्यों उठाया ऐसा कदम?

युवक अमेठी जिले का रहने वाला है. युवक ने बताया कि वह बचपन से ही महसूस करता था कि वह लड़की है, लेकिन परिवार के दबाव में वह अपनी भावनाएं व्यक्त नहीं कर पाता था. उसके मुताबिक, जब वह 14 साल का तभी उसे तभी उसे लगता था कि वह लड़की है.

उसने बताया कि वह यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, लेकिन जेंडर चेंज करने के लिए उसने यूट्यूब पर सर्च करना शुरू किया और एक झोलाछाप डॉक्टर, डॉक्टर जेनिथ के संपर्क में आया. उसी न एनेस्थीसिया का इंजेक्शन और सर्जिकल ब्लेड खरीदने और उसके उपयोग के बारे में बताया. एक रोज खुद उसने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया और सर्जिकल ब्लेड से अपना प्राइवेट पार्ट काट लिया. जब दर्द असहनीय हो गया, तो वह तड़पने लगा और मकान मालिक ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया.

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एक साल बाद हो सकता जेंडर चेंज

एसआरएन अस्पताल (SRN Hospital Prayagraj)के सर्जिकल वार्ड में युवक का इलाज चल रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि युवक जेंडर आईडेंटिटी डिसऑर्डर या जेंडर डिस्फोरिया की बीमारी से पीड़ित है और उसे काउंसिलिंग की आवश्यकता है. अस्पताल के मीडिया प्रभारी और वरिष्ठ सर्जन संतोष सिंह ने बताया कि युवक की स्थिति गंभीर है और उसे समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बचाई जा सकी है. उन्होंने कहा कि अगर युवक जेंडर चेंज करना चाहता है, तो एक साल तक इलाज और हार्मोन की दवा चलाने के बाद उसकी सर्जरी की जा सकती है.

सदमे में है परिवार

अपने बच्चे की हालत देखकर मां के आंसू नहीं थम रहे हैं. वह देखभाल के लिए अस्पताल पहुंच गई हैं. युवक की मां ने बताया कि वह अपने बेटे की हालत देखकर बहुत परेशान है और उसकी सलामती की दुआ कर रही है. उन्होंने डॉक्टरों से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को पहले की तरह कर दें.

समाज के लिए एक सीख

प्रयागराज (Prayagraj News) के लड़के द्वारा उठाया गया ये कदम न केवल उसे दर्द दे रहा है. बल्कि, समाज को भी कचोट रहा है. यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की निजी परेशानी नहीं है, बल्कि समाज में व्याप्त जेंडर पहचान की चुनौतियों को भी उजागर करती है. एक ऐसा युवक जो खुद को एक लड़की मानता था, उसे न तो परिवार का साथ नहीं मिला. इस कारण वो यूट्यूब और झोलाछाप डॉक्टरों की सलाह इस तरह का कदम उठाने पर मजबूर हो गया जो उसके जान पर भारी है. यह उन युवाओं के लिए भी सबक है जो अपने लिए नहीं लड़ सकते हैं.

हमारी राय भी सुनिए

हम समाज और युवाओं को एक ही बात कहना चाहते हैं कि सभी को अपनी सोच से थोड़ा आगे निकलने की जरूरत है. माता पिता को बच्चों की बात सुननी चाहिए और उनका समर्थन करना चाहिए. वहीं बच्चों को भी चाहिए किसी को या खुद को नुकसान पहुंचाने से पहले एक बार परिवार में और लोगों से बात करें. जरूरत हो तो कानून का सहारा लें इस तरह तरह से खुद को जोखिम में न डालें. खासकर तब जब वो UPSC एस्पिरेंट हों तो उनसे ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती है.



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